‘शुरुआत अच्छी, बात आगे बढ़ेगी’; कुकी संग बैठक में मणिपुर सीएम क्यों बोले- माफ करो और भूल जाओ

Share to your loved once


होमताजा खबरदेश

‘शुरुआत अच्छी है’, कुकी संग बैठक में मणिपुर CM क्यों बोले- माफ करो और भूल जाओ

Last Updated:

Manipur CM Meet with Kuki: मणिपुर में पिछले तीन साल से जारी जातीय हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने गुवाहाटी में कुकी जो काउंसिल (KZC) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बंद कमरे में बैठक की. मई 2023 से भड़की इस हिंसा के बाद पहली बार सरकार और कुकी समुदाय आमने-सामने आए हैं. सीएम ने 105 मिनट की इस बैठक को शांति की अच्छी शुरुआत बताया है. उन्होंने माफ करो और भूल जाओ की नीति अपनाने पर भरोसा जताया है.

'शुरुआत अच्छी है', कुकी संग बैठक में मणिपुर CM क्यों बोले- माफ करो और भूल जाओZoom

मणिपुर के सीएम वाई खेमचंद सिंह ने रविवार को कुकी समुदाय के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक की. (फोटो- @YKhemchandSingh)

इंफाल: मणिपुर में मई 2023 से जारी मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा को खत्म करने की नई पहल की शुरूआत हो चुकी है. लगभग तीन वर्षों के लंबे और हिंसक दौर के बाद, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कुकी जो काउंसिल (KZC) के बीच पहली बार सीधी बातचीत हुई है. रविवार को इंफाल में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में हुई इस बैठक को राज्य में शांति बहाल करने और दोनों समुदायों के बीच खोया हुआ विश्वास फिर से कायम करने की दिशा में “एक अच्छी शुरुआत” करार दिया है. इस जातीय हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए हैं.

घर वापसी और लोगों में विश्वास की बहाली जरूरी

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की उनके मूल घरों में सुरक्षित वापसी है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सबसे दुखद बात यह है कि विस्थापित लोग अपने घरों में नहीं लौट पा रहे हैं.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा बल हमेशा के लिए संवेदनशील जगहों पर लोगों की रखवाली नहीं कर सकते; दोनों समुदायों को खुद आगे आकर पुराना विवाद भुलाना होगा. सीएम ने लोगों से ‘माफ करो और भूल जाओ’ की नीति पर चलने की मार्मिक अपील की है.

कोई समझौता नहीं सीएम का स्पष्ट जवाब

कुकी समुदाय द्वारा लंबे समय से की जा रही अलग प्रशासन की मांग पर मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. सरकार के लिए बफर जोन जैसे शब्द को खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार के लिए कोई बफर ज़ोन नहीं है. बातचीत के दौरान मैं इसे संवेदनशील क्षेत्र कहता हूं. चूंकि अभी दोनों गुटों में विश्वास की कमी है, इसलिए सुरक्षा बल इन संवेदनशील इलाकों में चेकिंग करते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यह समय किसी भी तरह के टकराव का नहीं है, बल्कि ईमानदारी से शांति के लिए काम करने का है.

कुकी जो काउंसिल ने क्या मांगें रखीं?

शनिवार शाम गुवाहाटी में लगभग 1 घंटा 45 मिनट तक चली इस ‘आइस-ब्रेकिंग’ बैठक को लेकर कुकी जो काउंसिल ने भी अपना आधिकारिक बयान जारी किया है. KZC के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने कई प्रमुख मुद्दे उठाए, जिन्हें सीएम ने ध्यान से सुना:

  1. कुकी और तांगखुल समुदायों के बीच तनाव को तत्काल कम करने की सख्त जरूरत है.
  2. शांति प्रक्रिया शुरू करने से पहले हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करना पहली शर्त होनी चाहिए.
  3. जब तक कोई ठोस राजनीतिक समाधान नहीं निकल जाता, तब तक ‘बफर ज़ोन’ की पवित्रता बनाए रखी जाए.
  4. क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) वार्ता के समाधान में तेजी लाई जाए.

कुकी ने पहल का स्वागत किया

कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने इस चुनौतीपूर्ण समय में खुले मन से बातचीत की पहल करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की है. सरकार और कुकी नेताओं की इस आमने-सामने की बैठक ने मणिपुर में स्थायी शांति की एक नई किरण जगा दी है.

About the Author

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP