व्रत में साबूदाना खाने के फायदे | हेल्दी और एनर्जी से भरपूर फूड
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व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए साबूदाना एक बेहतरीन विकल्प है. पोषक तत्वों से भरपूर यह छोटा सा दाना न केवल ताकत देता है, बल्कि हड्डियों, पाचन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. खिचड़ी, खीर या वड़ा के रूप में इसका सेवन स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखता है.
व्रत या उपवास के दिनों में अक्सर घरों में सफेद मोतियों जैसे दानों वाली एक खास वस्तु नजर आती है, जिसे अधिकतर लोग नाश्ते में खाना पसंद करते हैं, यह वस्तु कुछ और नहीं बल्कि साबूदाना है. दिखने में भले ही यह छोटे सफेद मोतियों जैसा लगे, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ इतने बड़े हैं कि आयुर्वेदिक विशेषज्ञ भी इसे नियमित आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं.
रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय, शिवगढ़ की आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि साबूदाना में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. उनके अनुसार साबूदाना हड्डियों को मजबूत करता है, शरीर को ऊर्जा देता है और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों से राहत दिलाने में भी मदद करता है. यह वजन बढ़ाने के इच्छुक लोगों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है.
डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार, साबूदाना न केवल शरीर के विकास में सहायक है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है. इसमें पाए जाने वाला फोलेट मस्तिष्क विकारों को दूर करता है और मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है. इसके अन्य प्रमुख लाभ हैं, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है, पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है, वजन बढ़ाने में सहायक होता है.
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साबूदाना सागो पाम नामक पेड़ से प्राप्त होता है और यह तीन प्रकार का होता है बड़ा, छोटा और एकदम बारीक. इसे भिगोकर और पकाकर ही सेवन करना चाहिए. डॉ. स्मिता बताती हैं कि शाम को साबूदाना को पानी में भिगो दें और सुबह इसे दूध के साथ खीर बनाकर खाएं या फिर नमक और हल्के मसालों के साथ खिचड़ी के रूप में तैयार करें. यह दोनों ही तरीके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं.
इसके अलावा इससे कटलेट, वड़ा और पापड़ जैसे व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं. जिनका सेवन नाश्ते में किया जाए तो यह सेहत के लिए फायदेमंद होता है. आयुष चिकित्सक डॉ. स्मिता के मुताबिक नवरात्रि के व्रत में इसका सेवन फलाहार के रूप किया जा सकता है.
नवरात्रि के दिनों में अगर व्रत करते हैं तो यह शारीरिक ऊर्जा को पूर्ण करने के लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि नवरात्रि के दिनों में व्रत रखने कर शरीर की ऊर्जा में कमी आ जाती है. यदि इससे बने खिचड़ी, खीर या अन्य व्यंजन बनाकर सेवन किया जाता है. तो आपको ऊर्जा भी मिलेगी और शरीर भी स्वास्थ्य रहेगा.