हादसे से कम हुई आंखों की रोशनी, किस्मत को चुनौती देकर लिखी कामयाबी की इबारत, हार न मानने की जिद ने बनाया अफसर
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Ajay R Raj UPSC Success Story: केरल के अजय आर राज ने बचपन में आंखों की रोशनी खोने और आर्थिक तंगी के बावजूद दो बार यूपीएससी परीक्षा पास कर मिसाल पेश की है. ऑटो ड्राइवर पिता के बेटे और लेक्चरर अजय की कहानी संघर्ष और जीत की अद्भुत मिसाल है.

Ajay R Raj UPSC: बचपन में एक हादसे में अजय आर राज की आंखों पर असर पड़ा था
नई दिल्ली (Ajay R Raj UPSC Success Story). केरल के कोझिकोड जिले के छोटे गांव थोट्टिलपालम निवासी 24 वर्षीय अजय आर राज ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 109 हासिल की है. वर्तमान में इरिंजालकुड़ा के क्राइस्ट कॉलेज में अंग्रेजी लेक्चरर के रूप में कार्यरत अजय ने अपनी ईमानदारी, मुस्कान और कॉन्फिडेंस से यूपीएससी इंटरव्यू बोर्ड को प्रभावित किया था. बचपन में एक चोट के कारण उनकी आंखों की रोशनी कम हो गई थी लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं माना.
ऑटो वाले के बेटे ने लिखी सफलता की कहानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजय आर राज के पिता एन के राज ऑटो चलाते हैं. उनकी मां राधा होममेकर हैं. वहीं, बड़े भाई रेनोज एन के केरल यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. अजय जब भी नर्वस या परेशान होते हैं तो अपने बड़े भाई से कंसल्ट करते हैं. वह उन्हें अपना मोटिवेटर-इन-चीफ मानते हैं. अजय आर राज की पसंदीदा हॉबीज स्विमिंग और यूकेलले बजाना है. यूपीएससी सीएसई की तैयारी में उनके परिवार का काफी सहयोग रहा.
अजय ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कैसे की?
अजय आर राज ने यूपीएससी में ऑप्शनल विषय सोशियोलॉजी रखा था. उनकी कल्चरल स्टडीज की पढ़ाई इसी विषय से जुड़ी हुई है. अजय आर राज ने थिरुवनंतपुरम की LeadIAS अकादमी से यूपीएससी कोचिंग ली. साल 2024 में यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने रैंक 730 के साथ रेलवे सर्विस जॉइन की थी. लेकिन उनका सपना आईएएस अफसर बनने का था. इसलिए वह आगे भी डटे रहे. आखिरकार सही स्ट्रैटेजी, परिवार के सहयोग और दृढ़ निश्चय से वह अपना सपना साकार करने में सफल हुए.
अजय से यूपीएससी इंटरव्यू में क्या पूछा गया?
यूपीएससी इंटरव्यू में अजय आर राज ने क्रिकेट शॉट्स की तरह स्ट्रैटेजी अपनाई थी- कैजुअल सवालों (स्विमिंग, यूकेलले) पर दिल से विस्तार में जवाब दिए, जबकि एकेडमिक सवालों पर संक्षिप्त में. यूपीएससी बोर्ड ने लिटरेचर, ट्रांसलेशन ट्रेंड्स, लीडरशिप, इंडियन रेलवे और मिलिट्री vs कॉर्पोरेट लीडरशिप जैसे विषयों पर भी उनसे चर्चा की. अजय आर राज कहते हैं कि उनकी ईमानदारी और मुस्कान ने संघ लोक सेवा आयोग के इंटरव्यू बोर्ड पर गहरा असर डाला था.
इस महिला आईएएस से मिली प्रेरणा
यूपीएससी सीएसई 2025 में ऑल इंडिया रैंक 109 हासिल करने वाले अजय आर राज कहते हैं कि उनके माता-पिता और बड़े भाई रेनोज ने उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया था. अजय आर राज मालाबार की पहली मुस्लिम महिला आईएएस डॉ. अदीला अब्दुल्लाह को अपनी प्रेरणा मानते हैं. इसके अलावा, सेंट स्टीफेंस के पूर्व सिविल सर्वेंट्स ने भी उनका सपना मजबूत किया. अजय की सफलता मेहनत, फोकस और पॉजिटिव अप्रोच की मिसाल है. वह अपनी उपलब्धि को किसी डिसेबिलिटी से नहीं जोड़ते हैं.
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