Today Weather Live | Aaj Ka Mausam Live: 85KM रफ्तार वाली हवाओं का तांडव, खूब गरजेंगे बादल और बारिश, UP-बिहार सहित 13 राज्यों में IMD का अलर्ट

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Aaj Ka Mausam Live: मार्च की शुरूआत में प्रचंड गर्मी पड़ रही थी. अब बीच और महीने आखिर में मौसम ने करवट ली और देश के कई राज्यों में आसमान का मिजाज बदल गया. धूप गायब हो गई, काले बादल छा गए. हवाएं तेज हो गईं और देखते ही देखते मौसम ने रौद्र रूप ले लिया. अब हालात ऐसे हैं कि देश के कई हिस्सों में 70 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं किसी तूफान जैसी लग रही हैं. पेड़ झूम रहे हैं, धूल उड़ रही है और गरजते बादल डर पैदा कर रहे हैं. बिजली गिरने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. ऐसे में मौसम विभाग (IMD) का अलर्ट हालात की गंभीरता को और बढ़ा देता है. यूपी, बिहार, दिल्ली समेत 13 राज्यों में आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. साफ है यह सामान्य मौसम बदलाव नहीं है. यह एक बड़ा और खतरनाक सिस्टम है, जिसने उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है. और सबसे अहम बात अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं.

तापमान जरूर गिर रहा है, लेकिन राहत के साथ खतरा भी बढ़ रहा है. खेतों में खड़ी फसलें दांव पर हैं. शहरों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है. बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है. पेड़ गिरने और हादसों की आशंका बनी हुई है. मौसम का यह बदला मिजाज साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है.

आने वाले 3 से 5 दिनों तक मौसम का यह अस्थिर दौर जारी रहने की संभावना है. (फोटो: पीटीआई)
  • मौसम विभाग के अनुसार देशभर में मौसम का यह अचानक बदलाव एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और नमी से भरे सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से हो रहा है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी जब इस सिस्टम से टकरा रही है, तो हालात और ज्यादा बिगड़ रहे हैं. यही कारण है कि उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक एक साथ आंधी, बारिश और गरज-चमक देखने को मिल रही है. कई जगहों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे खासकर गेहूं और दलहन की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है.
  • मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले तीन से पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा. अलग-अलग क्षेत्रों में इसका असर अलग-अलग तीव्रता से दिखेगा. कहीं हल्की बारिश होगी, तो कहीं तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है. कई इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहेगा.

दिल्ली-NCR में मौसम का बदला मिजाज

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है. 22 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ झोंके इससे ज्यादा तेज भी हो सकते हैं. लक्ष्मी नगर, आईटीओ, आनंद विहार, राजघाट, इंडिया गेट, लाजपत नगर और मयूर विहार जैसे इलाकों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम की अस्थिरता के कारण दिक्कतें भी बढ़ेंगी. ट्रैफिक जाम, जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं. वहीं वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार की भी संभावना जताई जा रही है.

यूपी में तेज असर

उत्तर प्रदेश में मौसम का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है. खासकर पूर्वी यूपी के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर हो सकते हैं. गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, बस्ती और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में तेज आंधी, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, इससे फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. मौसम विभाग ने किसानों को खास तौर पर सतर्क रहने और खेतों में कम से कम जाने की सलाह दी है.

तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. (फोटो: पीटीआई)

उत्तराखंड और हिमाचल में बिगड़े हालात

  • पहाड़ी राज्यों में मौसम और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा भी बढ़ गया है.
  • हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है. ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान माइनस में जा सकता है. इससे ठंड और बढ़ेगी और जनजीवन प्रभावित हो सकता है.

बिहार में बारिश और बिजली का खतरा

बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और समस्तीपुर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, इससे लोगों को खुले में न जाने की सलाह दी गई है. कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज बारिश हो सकती है.

पंजाब-हरियाणा में बदला मौसम

पंजाब और हरियाणा में पिछले 72 घंटों से मौसम पूरी तरह बदला हुआ है. आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने तापमान में गिरावट ला दी है. कई जगहों पर सुबह के समय कोहरा भी देखने को मिला है, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिन तक यही स्थिति बनी रह सकती है. किसानों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि गेहूं की फसल तैयार खड़ी है और ओलावृष्टि से उसे नुकसान हो सकता है.

राजस्थान में आंधी-बारिश का असर

राजस्थान के जयपुर, अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और गर्मी से अस्थायी राहत मिल रही है.

दक्षिण भारत में भी असर

दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में हीटवेव की स्थिति भी बनी हुई है, जिससे मौसम का यह मिश्रित रूप लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

नॉर्थ ईस्ट में बड़ा अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च से मौसम और ज्यादा बिगड़ सकता है. असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और नागालैंड में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका है.

इस मौसम बदलाव की मुख्य वजह क्या है?

इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ और समुद्र से आ रही नमी का मेल है. जब ये दोनों सिस्टम आपस में टकराते हैं, तो वातावरण में अस्थिरता बढ़ जाती है और तेज हवाएं, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनती है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उत्तराखंड में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा. यहां तेज हवाओं, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा अधिक है.

क्या किसानों को ज्यादा नुकसान होगा?

हां, खासकर गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है. ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खड़ी फसल गिर सकती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा.

क्या इससे गर्मी से राहत मिलेगी?

तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे अस्थायी राहत मिलेगी. लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी.

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

खराब मौसम में घर से बाहर निकलने से बचें. पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. खुले मैदान में न जाएं और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें.

आगे क्या? मौसम का रुख

आने वाले 3 से 5 दिनों तक मौसम का यह अस्थिर दौर जारी रहने की संभावना है. इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सकती है. लेकिन फिलहाल पूरे देश में सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज कभी भी और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है.

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