क्रिकेट जगत के 6 नाइटवाचमैन बल्लेबाज…जिन्होंने खेली शतकीय पारी, 20 साल से नहीं टूटी गिलेस्पी की 201 रन की वर्ल्ड रिकॉर्ड पारी
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6 Most runs in an innings by a nightwatchman batsman: टेस्ट क्रिकेट में नाइटवाचमैन का काम केवल दिन के अंतिम ओवरों में विकेट बचाना होता है.लेकिन इतिहास में कुछ ऐसे जांबाज खिलाड़ी हुए जिन्होंने इस भूमिका को यादगार बना दिया. जेसन गिलेस्पी की नाबाद 201 रनों की विश्व रिकॉर्ड पारी से लेकर मार्क बाउचर, सैयद किरमानी और नसीम-उल-गनी जैसे दिग्गजों के शतकों तक, इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि निचले क्रम के बल्लेबाज भी मैच का पासा पलट सकते हैं.

दुनिया के 6 नाइटवाचमैन बल्लेबाज जिन्होंने खेली शतकीय पारी.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती इसके अनपेक्षित मोड़ों में छिपी होती है. खेल का एक ऐसा ही दिलचस्प पहलू है ‘नाइटवाचमैन’का किरदार. जब दिन का खेल खत्म होने में कुछ ही ओवर बचे हों और कोई विकेट गिर जाए, तो टीम अपने प्रमुख बल्लेबाज को बचाने के लिए किसी निचले क्रम के गेंदबाज को भेजती है. इसका मकसद सिर्फ विकेट बचाना होता है, लेकिन इतिहास गवाह है कि कभी-कभी ये ‘रक्षक’ ही ‘भक्षक’ बन जाते हैं. आज हम बात करेंगे उन 6 यादगार पारियों की, जब नाइटवाचमैन ने न केवल अपनी टीम को संभाला, बल्कि बल्लेबाजों की तरह शानदार शतक जड़कर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया.
नाइटवाचमैन के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के जेसन गिलेस्पी का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा है. 2006 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट में जो हुआ, उसकी कल्पना खुद गिलेस्पी ने भी नहीं की होगी. उन्होंने न केवल शतक बनाया, बल्कि 201 रन की नाबाद पारी खेलकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया. यह उनके करियर का आखिरी टेस्ट मैच था. उन्होंने 425 गेंदों का सामना किया और अपनी टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया. आज 20 साल बीतने को हैं, लेकिन किसी नाइटवाचमैन द्वारा बनाया गया यह दोहरा शतक आज भी दुनिया का कोई भी नाइटवाचमैन बल्लेबाज नहीं तोड़ सका है.
मार्क बाउचर एक साल में दो बार नाइटवाचमैन के तौर पर शतक जड़ चुके हैं
दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. 1999 में हरारे टेस्ट के दौरान उन्होंने नाइटवाचमैन के रूप में उतरकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. उन्होंने 125 रनों की शानदार पारी खेली, जिसने मैच का रुख पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका की ओर मोड़ दिया. बाउचर इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक ही साल में दो बार नाइटवाचमैन के तौर पर शतक जड़ने का कारनामा किया. इंग्लैंड के खिलाफ डरबन टेस्ट में उन्होंने 108 रन बनाए. उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि तकनीक और संयम हो तो एक निचला क्रम का खिलाड़ी भी मैच विनर बन सकता है.
टोनी मान ने भारत के खिलाफ खेली थी शतकीय पारी
ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर AL Mann (टोनी मान) ने 1977 में पर्थ के मैदान पर भारत के खिलाफ इतिहास रचा था. चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए वह नाइटवाचमैन के रूप में आए और 105 रन ठोक दिए. उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने एक रोमांचक जीत दर्ज की थी. वह टेस्ट इतिहास के पहले नाइटवाचमैन थे जिन्होंने शतक बनाया था.
सैयद किरमानी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था कीर्तिमान
भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन विकेटकीपरों में शुमार सैयद किरमानी ने 1979 में मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया. नाइटवाचमैन के रूप में प्रमोट किए जाने के बाद किरमानी ने 101 रनों की नाबाद पारी खेली. उनकी इस शतकीय पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और मैच बचाने में अहम भूमिका निभाई.
नसीम-उल-गनी ने पाकिस्तान के लिए रचा था इतिहास
पाकिस्तान के नसीम-उल-गनी ने 1962 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ 101 रन बनाए थे। विदेशी धरती पर और वो भी ‘क्रिकेट के मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर नाइटवाचमैन के रूप में शतक लगाना किसी सपने से कम नहीं था। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक थे।
रणनीति से रिकॉर्ड तक
ये छह पारियां हमें सिखाती हैं कि क्रिकेट में नंबर और बैटिंग ऑर्डर सिर्फ कागजों पर होते हैं. जब एक नाइटवाचमैन मैदान पर उतरता है, तो उस पर दबाव कम और जिम्मेदारी ज्यादा होती है. जेसन गिलेस्पी की 201 रन की पारी आज भी एक मिसाल है कि कैसे एक गेंदबाज अपनी जिद और एकाग्रता से इतिहास बदल सकता है. ये शतक केवल रन नहीं हैं, बल्कि उन खिलाड़ियों के साहस की कहानी हैं जिन्होंने अपनी भूमिका से आगे बढ़कर टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ दिया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें