सचिन तेंदुलकर नहीं, वनडे में ये बल्लेबाज है सबसे युवा शतकवीर, 16 की उम्र बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
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Shahid Afridi ODI World Record: वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और धाकड़ ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी के नाम है. उन्होंने यह करिश्मा मात्र 16 साल 217 दिन की उम्र में कर दिखाया था. सचिन तेंदुलकर ने 21 साल 138 दिन की उम्र में अपना पहला वनडे शतक पूरा किया था.

शाहिद अफरीदी ने सचिन के बैट से रचा इतिहास.
नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में जब भी रिकॉर्ड्स की बात होती है, तो जेहन में सबसे पहले ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर का नाम आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड सचिन के नाम नहीं है? हुई न हैरानी! क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में एक ऐसा जादुई लम्हा दर्ज है जब मात्र 16 साल की उम्र में एक बल्लेबाज ने मैदान पर उतरकर तहलका मचा दिया था. जहां इस उम्र में बच्चे स्कूल की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इस युवा खिलाड़ी ने दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए वह कीर्तिमान स्थापित किया जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका है. आइए जानते हैं कौन है क्रिकेटर.
वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का विश्व रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी के नाम है. उन्होंने यह कारनामा महज 16 साल 217 दिन की उम्र में किया था. यह साल 1996 था, जब नैरोबी (केन्या) में चार देशों का ‘KCA Centenary Tournament’ खेला जा रहा था. पाकिस्तान का मुकाबला मजबूत श्रीलंकाई टीम से था.
शाहिद अफरीदी ने सचिन के बैट से रचा इतिहास.
श्रीलंकाई गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
4 अक्टूबर, 1996. अफरीदी उस समय महज 16 साल के थे और यह उनका केवल दूसरा ही वनडे मैच था. उन्हें ‘पिंच हिटर’ के रूप में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. अफरीदी ने आते ही चौके-छक्के लगाने शुरू कर दिए और महज 37 गेंदों में अपना शतक पूरा कर तहलका मचा दिया. यह वनडे में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड था. उन्होंने शतक पूरा करने के लिए 11 छक्के और 6 चौके लगाए थे. अफरीदी की पारी 40 गेंदों की रही, जिसमें उन्होंने 102 रन बनाए. अफरीदी लंबे समय तक इस फॉर्मेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी रहे.
सचिन के बैट रचा इतिहास
अफरीदी के इस रिकॉर्ड के साथ एक बेहद दिलचस्प कहानी जुड़ी है. जिस बल्ले से उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ यह तूफानी पारी खेली थी, वह असल में उनका नहीं था. वह बल्ला सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तानी खिलाड़ी वकार यूनूस को तोहफे में दिया था. वकार के पास से वह बल्ला अफरीदी को मिला और उन्होंने सचिन के उसी बल्ले से विश्व रिकॉर्ड बना दिया.
अफरीदी ने बाद में खुद एक इंटरव्यू में कहा था, ‘वकार ने मुझे नैरोबी में वो बैट दिया था, जहां मैंने पाकिस्तान के लिए अपना डेब्यू किया. उन्होंने बताया कि यह बैट उन्हें तेंदुलकर ने दिया था और कहा था कि सियालकोट में इसी तरह के बैट बनवाएं.’ अफरीदी ने अपनी ऐतिहासिक पारी को लेकर कहा था, ‘वह रिकॉर्ड आज भी कायम है और मुझे इस पर गर्व है. मैंने इसी बैट से और भी अच्छे स्कोर बनाए हैं, इसलिए यह मेरे लिए बहुत कीमती है.’
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें