Strait of Hormuz | Iran War | भारत की ताकत, 24 घंटे से टस से मस नहीं हुआ कोई जहाज, मगर तिरंगा वाले 2 गैस टैंकर करने जा रहे होर्मुज पार
Iran Strait of Hormuz News: ईरान जंग से होर्मुज में तेल और गैस के टैंकर जहां-तहां फंसे हैं. ईरान के डर से कोई भी होर्मुज पार करने की हिम्मत नहीं कर पा रहा. जो भी होर्मुज पार करने की कोशिश करता है, ईरान उस पर मिसाइल-बम की बरसात कर देता है. टैंकर्स और जहाज में आग लगा देता है. अमेरिका से लेकर इजरायल होर्मुज को खोलने को बेताब हैं. होर्मुज बंद होने से पूरी दुनिया में खलबली मची है. तेल और गैस के दाम आसमान छूने लगे हैं. ईरान है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को तैयार नहीं है. ईरान अब अमेरिका-इजरायल से जंग का बदला होर्मुज को बंद करके ले रहा है. इस बीच भारत अपने जहाजों को निकालने के लिए लगातार ईरान से बात कर रहा है. इस बातचीत का ही नतीजा है कि पिछले 24 घंटे से होर्मुज में एक भी जहाज टस से मस नहीं हुआ, मगर तिरंगा वाले दो जहाज अब भारत रवाना होने को तैयार हैं.
जी हां, ईरान ने बीते 24 घंटे में होर्मुज से एक भी जहाज को पार नहीं करने दिया है. मगर भारत की बातचीत का असर है कि ईरान ने तिरंगा वाले झंडे को निकलने की परमिशन दे दी है. जी हां, शिपिंग डेटा और सोर्स के मुताबिक, दो भारतीय झंडे वाले एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस टैंकर आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं. यह तब हो रहा है, जब पिछले 24 घंटों में कोई भी क्रूड ऑयल टैंकर इस रास्ते से नहीं गुजरा है.
आ रहे भारत के दो एलपीजी वाले जहाज
दरअसल, जब से तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए खाड़ी से निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों पर हमला करने की धमकी दी है, तब से सैकड़ों जहाज़ों ने लंगर डाल दिया है. होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर में लगभग 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का कारोबार होता है. केप्लर और शिपिंग सोर्स के डेटा के मुताबिक, भारत के दोनों गैस टैंकर अभी होर्मुज के पास खाड़ी के पानी में लंगर डाले हुए हैं. बहुत जल्द ये रवाना हो जाएंगे.
डेटा ने बताया सच
शुक्रवार को सोर्स से मिले मार्केट के अंदाजे के मुताबिक, मौजूद डेटा के आधार पर पिछले 24 घंटों में क्रूड टैंकरों ने इस रास्ते से कोई यात्रा नहीं की है. केप्लर के अलग डेटा से पता चला है कि एक खाली क्रूड ऑयल टैंकर जिस पर अमेरिकी पाबंदियां लगी हैं, 18 मार्च को ईरानी पानी की ओर लौट आया है. मरीन ट्रैफिक शिप-ट्रैकिंग डेटा से शुक्रवार को पता चला कि भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर पाइन गैस और जग वसंत ने बताया कि वे यात्रा की तैयारी कर रहे हैं. ये दोनों टैंकर खाड़ी में यूनाइटेड अरब अमीरात के हब शारजाह के पास खड़े हैं.
कब रवाना होंगे ये दोनों टैंकर
हालांकि, भारत के फेडरल शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को जब पूछा गया कि क्या जहाज यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो कहा कि तुरंत जानकारी नहीं है. इस मामले से वाकिफ एक ट्रेड सोर्स ने कहा कि दोनों एलपीजी के टैंकर शायद शनिवार को रवाना हो सकते हैं.
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता णधीर जायसवाल ने शुक्रवार को अलग से कहा कि देश खाड़ी के अंदर मौजूद भारत के 22 जहाजों के बेड़े की सुरक्षित और बिना रुकावट की आवाजाही पक्ष में है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सुरक्षित रास्ते के बारे में दूसरे नेताओं से बात कर रहे हैं.
किसके टैंकर हैं?
बता दें कि जग वसंत जहाज को BPCL ने और पाइन गैस को IOC ने किराए पर लिया था. सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि पिछले हफ्ते ईरान ने भारत के झंडे वाले दो LPG कैरियर को स्ट्रेट से गुज़रने दिया. शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि हाल के दिनों में पाकिस्तान जाने वाला एक तेल टैंकर होर्मुज से गुजरा है. इससे पता चलता है कि ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के बावजूद कुछ देश अपने जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता तय कर पा रहे हैं. वैसे भी ईरान ने पहले ही कह रखा है कि वह भारत और चीन के जहाजों के लिए होर्मुज खोल देगा.