Nowruz 2026 : ये हैं नवरोज के 7 मुख्य भोजन और उनका महत्व!

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Nowruz 2026 : नवरोज़, जिसे पारसी नव वर्ष के रूप में भी जाना जाता है, प्रकृति के पुनर्जन्म और वसंत के आगमन का उत्सव है. इस विशेष अवसर पर परोसे जाने वाले व्यंजनों को केवल उनके स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है. इसी भावना के साथ, आइए उन सात प्रमुख व्यंजनों के बारे में जानें जो नवरोज़ की मेज़ की शोभा बढ़ाते हैं, और उनके गहरे महत्व को समझें.

सब्ज़ी पोलो (जड़ी-बूटियों वाला चावल): सब्ज़ी पोलो एक खुशबूदार चावल की डिश है जिसे ताज़ी जड़ी-बूटियों जैसे डिल, पार्सले और धनिया पत्ती से बनाया जाता है. यह पुनर्जन्म और नएपन का प्रतीक है. इसका गहरा हरा रंग वसंत के आगमन का संकेत देता है, जिससे यह ताज़गी और नई शुरुआत का स्वागत करने के लिए परोसी जाने वाली एक खास डिश बन जाती है.

समानु: समानु अंकुरित गेहूं से बनी एक मीठी पुडिंग है, जो ताकत, धैर्य और समृद्धि का प्रतीक है. इसे बनाने में समय और सावधानी लगती है, जो कड़ी मेहनत के फल को दर्शाता है. यह उन सात चीज़ों में से एक है जिन्हें पारंपरिक रूप से ‘हफ़्त-सीन’ मेज़ पर रखा जाता है.

रेशतेह पोलो: रेशतेह पोलो नूडल्स के साथ बनाई जाने वाली चावल की एक डिश है, जो जीवन और किस्मत के धागों का प्रतीक है. ऐसा माना जाता है कि नवरोज़ के दौरान इस डिश को खाने से आने वाले साल में व्यक्ति सही रास्ते पर चलता है, जिससे जीवन की यात्रा में स्पष्टता, नियंत्रण और सौभाग्य आता है.

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कू कू सब्ज़ी: कू कू सब्ज़ी अंडे और हरी सब्ज़ियों से बना एक जड़ी-बूटियों से भरपूर फ्रिटाटा है, जो विकास, उर्वरता और नएपन का प्रतीक है. ताज़ी चीज़ों से भरपूर, यह जीवन शक्ति और स्वास्थ्य को दर्शाता है, जिससे यह नवरोज़ की मेज़ पर जीवन और मौसमी बदलाव का एक सार्थक हिस्सा बन जाता है।

आश रेशतेह: आश रेशतेह जड़ी-बूटियों, फलियों और नूडल्स से बना एक गाढ़ा, पौष्टिक सूप है, जो एकता और सौभाग्य का प्रतीक है. इसमें इस्तेमाल होने वाली चीज़ें एकजुटता को दर्शाती हैं, जबकि नूडल्स जीवन की यात्रा का प्रतीक हैं, जिससे यह एक सुकून देने वाली और सार्थक उत्सव की डिश बन जाती है.

मछली (माही): मछली जिसे अक्सर सब्ज़ी पोलो के साथ परोसा जाता है. जीवन, जीवन शक्ति और प्रचुरता का प्रतीक है. समृद्धि और प्रगति के प्रतीक के रूप में, यह समय बीतने का संकेत देती है और नए साल में एक नई शुरुआत को बढ़ावा देती है एक ऐसी शुरुआत जो विकास और सकारात्मक ऊर्जा से भरी हो.

मिठाइयां (बकलावा और शिरीनी): बकलावा और शिरीनी जैसी पारंपरिक मिठाइयां आने वाले साल में मिठास, खुशी और प्रसन्नता का प्रतीक हैं. परिवार और दोस्तों के बीच बांटी जाने वाली ये मिठाइयाँ सद्भाव और उत्सव का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे नवरोज़ के समारोहों में एक सुखद और आशापूर्ण माहौल बन जाता है.

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