मिडिल ईस्ट तनाव का असर! इस बार खाड़ी देशों की ईद रहेगी फीकी, कानपुर का 1000 करोड़ का निर्यात कारोबार सुस्त पड़ा
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Kanpur News: फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अनुसार, केवल कानपुर से ही हर साल करीब 1000 करोड़ रुपये का निर्यात मिडिल ईस्ट और जीसीसी देशों में होता है. यह कारोबार ईद जैसे त्योहारों के समय और ज्यादा बढ़ जाता है. फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक इस बार युद्ध जैसे हालात के कारण पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है.
इस बार ईद का त्योहार देश में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा. लेकिन कानपुर के निर्यातकों के लिए माहौल काफी फीका है. वजह है मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में चल रहा तनाव. जिसने कारोबार की रफ्तार को अचानक रोक दिया है. हर साल जहां ईद से करीब एक महीने पहले इन देशों से बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलने लगते थे. वहीं, इस बार पिछले लगभग 2-3 हफ्तों से संपर्क ही टूट गया है. निर्यातकों का कहना है कि इस बार न तो नए ऑर्डर आ रहे है और न ही पुराने ऑर्डर की कोई स्पष्ट स्थिति है. ऐसे में फैक्ट्रियों में काम भी धीमा पड़ गया है और कारोबारियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
कानपुर से मिडिल ईस्ट और जीसीसी देशों जैसे- ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत और यूएई में ईद के मौके पर खास तौर पर भारतीय उत्पादों की भारी मांग रहती थी. इनमें प्रोसेस्ड फूड, फूलों से जुड़े उत्पाद (फ्लोरीकल्चर) और अन्य कई सामान शामिल होते है. काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट से जुड़े रहे उद्योगपति मुख्तारुल अमीन बताते हैं कि हर साल इस समय तक निर्यातक पूरी तरह व्यस्त रहते थे. फैक्ट्रियों में उत्पादन तेज होता था और समय पर डिलीवरी के लिए दिन-रात काम चलता था. लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट है. ऑर्डर न आने से कारोबार लगभग ठप जैसा हो गया है, जिससे निर्यातकों में मायूसी है.
1000 करोड़ के कारोबार पर पड़ा असर
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अनुसार, केवल कानपुर से ही हर साल करीब 1000 करोड़ रुपये का निर्यात मिडिल ईस्ट और जीसीसी देशों में होता है. यह कारोबार ईद जैसे त्योहारों के समय और ज्यादा बढ़ जाता है. फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक इस बार युद्ध जैसे हालात के कारण पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है. शिपमेंट, ऑर्डर और संपर्क तीनों पर असर पड़ा है. कई निर्यातकों ने बताया कि उन्होंने पहले से तैयार माल भी रोक रखा है क्योंकि उन्हें नहीं पता कि आगे क्या स्थिति बनेगी.
खाड़ी देशों में भी ईद का उत्साह कम होने के आसार
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते है जो हर साल ईद को खास तरीके से मनाते है. भारतीय उत्पादों की मांग भी इसी वजह से बढ़ती है. लेकिन इस बार हालात ऐसे है कि वहां रहने वाले लोगों का उत्साह भी कम होता नजर आ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक न तो ऑर्डर मिल पाएंगे और न ही कारोबार पटरी पर लौट पाएगा. ऐसे में इस साल की ईद न सिर्फ निर्यातकों के लिए बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भी कुछ फीकी रह सकती है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें