दिहाड़ी मजदूर का बेटा… यॉर्कर किंग और 10 करोड़ का सितारा, संघर्ष की कहानी आंखों में ला देगी आंसू

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दिहाड़ी मजदूर का बेटा, सलेम के ‘नेट बॉलर’ से करोड़ों के सुपरस्टार बनने का सफर

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T Natarajan son of daily wage worker: तमिलनाडु के एक छोटे से गांव चिन्नापम्पट्टी के दिहाड़ी मजदूर का बेटा आज आईपीएल का ‘यॉर्कर किंग’ है. अभावों में पले टी. नटराजन ने कभी टेनिस बॉल से शुरुआत की थी, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर इतिहास रचा. चोटिल 2025 सीजन के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल के लिए उन्हें 10.75 करोड़ रुपये में रिटेन कर उनकी अहमियत साबित की है. उनकी कहानी संघर्ष से सफलता तक का जीवंत उदाहरण है.

दिहाड़ी मजदूर का बेटा, सलेम के 'नेट बॉलर' से करोड़ों के सुपरस्टार बनने का सफरZoom

टी नटराजन ने एक ही साल में तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया.

नई दिल्ली. कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो किस्मत की लकीरें खुद-ब-खुद रास्ता बना लेती हैं. यह कहानी तमिलनाडु के सलेम जिले के एक छोटे से गांव चिन्नापम्पट्टी के उस लड़के की है, जिसके पास कभी क्रिकेट किट खरीदने के पैसे नहीं थे, लेकिन आज उसकी यॉर्कर पूरी दुनिया के बल्लेबाजों के स्टंप उखाड़ देती है. हम बात कर रहे हैं टी. नटराजन की, जिन्हें दुनिया आज ‘यॉर्कर किंग’ के नाम से जानती है. लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज नटराजन 28 मार्च से शुरू हो रहे आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलेंगे. नटराजन का पिछला सीजन अच्छा नहीं रहा था फिर भी दिल्ली ने उनपर भरोसा जताया और इस पेसर को मोटी रकम पर रिटेन करने का फैसला लिया.

टी नटराजन (T. Natrajan) का शुरुआती सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. उनके पिता एक दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान चलाती थीं ताकि घर का चूल्हा जल सके. घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि नटराजन के लिए क्रिकेट एक सपना जैसा था. न जूते, न सफेद जर्सी और न ही कोई कोचिंग. शुरुआत में वह सिर्फ टेनिस की गेंद से गांव की गलियों में खेला करते थे.

टी नटराजन ने एक ही साल में तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया.

20 साल की उम्र में बदली दुनिया
जहां अधिकांश खिलाड़ी 15-16 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट शुरू कर देते हैं, नटराजन ने 20 साल की उम्र तक लेदर बॉल (चमड़े की गेंद) को हाथ तक नहीं लगाया था. उनके मेंटर जयप्रकाश ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सही दिशा दिखाई. टेनिस बॉल से लगातार सटीक यॉर्कर फेंकने की उनकी कला ने उन्हें लेदर बॉल क्रिकेट में भी घातक बना दिया. उनकी सबसे बड़ी ताकत है एक ओवर में छह की छह गेंदे सटीक यॉर्कर फेंकने की क्षमता.

3 करोड़ से 10.75 करोड़ तक का सफर
नटराजन की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट 2017 की आईपीएल नीलामी थी. जब पंजाब की टीम ने उन्हें 3 करोड़ रुपये में खरीदा, तो मानो रातों-रात उनके परिवार की गरीबी दूर हो गई. इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के साथ उनका सफर और भी शानदार रहा. साल 2026 के आईपीएल सीजन तक आते-आते नटराजन की अहमियत और बढ़ गई है. भले ही 2025 का सीजन उनके लिए चोट और खराब फॉर्म के कारण चुनौतीपूर्ण रहा, जहां वह केवल दो मैच खेल सके, लेकिन उनकी प्रतिभा पर भरोसा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने उन्हें 10.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में रिटेन किया. आज वह दिल्ली के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सबसे अनुभवी और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

टीम इंडिया का ‘ऐतिहासिक’ डेब्यू
नटराजन के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. वह भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिन्होंने एक ही विदेशी दौरे (ऑस्ट्रेलिया, 2020-21) पर तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में डेब्यू किया. नेट बॉलर के रूप में ऑस्ट्रेलिया गए नटराजन ने अपनी मेहनत से मुख्य टीम में जगह बनाई और गाबा की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई.

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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