वो जादुई स्पेल… जिसने भारत को पहली बार बनाया वर्ल्ड चैंपियन, कप्तान से गेंद छीनकर गेंदबाज ने पलट दी हारी हुई बाजी
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Madan Lal birthday Special: भारतीय क्रिकेट के ‘संकटमोचक’ और 1983 विश्व कप जीत के असली नायक मदन लाल 74 साल के हो गए. लॉर्ड्स के ऐतिहासिक फाइनल में विव रिचर्ड्स का वो कीमती विकेट लेकर मैच का पासा पलटने वाले मदन लाल ने अपनी मध्यम गति की गेंदबाजी और जुझारू बल्लेबाजी से टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. घरेलू क्रिकेट में 10,000 रन और 625 विकेट लेने वाले इस दिग्गज ऑलराउंडर की कहानी आज भी हर युवा क्रिकेटर के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है.

मदन लाल ने वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन चुनिंदा खिलाड़ियों का जब भी जिक्र होगा जिन्होंने अपनी मेहनत और जिजीविषा से टीम इंडिया को फर्श से अर्श तक पहुंचाया, तो मदन लाल का नाम गर्व से लिया जाएगा. 74 वर्षीय मदन लाल केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के वो ‘संकटमोचक’ रहे हैं, जिन्होंने मुश्किल वक्त में हमेशा टीम की नैया पार लगाई. 1983 के वर्ल्ड कप फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में मदन लाल की अहम भूमिका रही जिन्होंने तत्कालीन कप्तान कपिल देव से गेंद छीन ली थी और गेंदबाजी छोर पर जाकर बॉलिंग करने लगे. उसके बाद जो हुआ वो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया.
20 मार्च 1951 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे मदन लाल (Madan Lal) ने अपने करियर की शुरुआत एक मध्यम गति के तेज गेंदबाज और उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज के रूप में की थी. उनके खेलने का अंदाज बेहद जुझारू था. मैदान पर वह कभी हार नहीं मानते थे, चाहे सामने दुनिया का सबसे खतरनाक बल्लेबाज ही क्यों न खड़ा हो. 1974 में डेब्यू करने वाले मदन लाल ने भारत के लिए 39 टेस्ट और 67 वनडे मैच खेले, लेकिन उनकी असली पहचान 1983 के विश्व कप से बनी.
मदन लाल ने विव रिचर्ड्स का विकेट लेकर रचा इतिहास
25 जून 1983, लॉर्ड्स का मैदान और सामने थी अजेय मानी जाने वाली वेस्टइंडीज की टीम. भारत ने केवल 183 रन बनाए थे और विव रिचर्ड्स अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच को भारत की मुट्ठी से छीन रहे थे. रिचर्ड्स 33 रन बनाकर खेल रहे थे और भारतीय फैंस की उम्मीदें टूटने लगी थीं. तभी कप्तान कपिल देव से मदन लाल ने गेंद छीन ली और खुद गेंदबाजी करने लगे. मदन लाल ने उस ओवर में रिचर्ड्स को अपनी एक शॉर्ट पिच गेंद पर फंसाया. रिचर्ड्स ने पुल शॉट खेला और पीछे की तरफ भागते हुए कपिल देव ने वो ऐतिहासिक कैच पकड़ा. मदन लाल ने उस फाइनल में 3 विकेट चटकाए (रिचर्ड्स, हेन्स और गोम्स) और भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई. उनके उस स्पेल को आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे ‘गेम चेंजिंग’ स्पेल माना जाता है.
घरेलू क्रिकेट के ‘महाराजा’
इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा मदन लाल का प्रथम श्रेणी (First-class) रिकॉर्ड किसी चमत्कार से कम नहीं है. उन्होंने दिल्ली और पंजाब के लिए खेलते हुए 10,000 से ज्यादा रन बनाए और 625 विकेट लिए. रणजी ट्रॉफी में उनकी कप्तानी और प्रदर्शन ने दिल्ली क्रिकेट को एक नई पहचान दी. उनकी फिटनेस ऐसी थी कि वह घंटों तक एक ही टप्पे पर गेंदबाजी कर सकते थे.
मदन लाल ने वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
‘मेरी इच्छा थी कि मैं रिचर्ड्स का विकेट हासिल करूं’
मदन लाल के उस ऐतिहासिक ओवर की कहानी खुद उनकी जुबानी किसी रोमांचक फिल्म के सीन जैसी लगती है. 1983 के फाइनल में विव रिचर्ड्स जब भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहे थे, तब मदन लाल ने अपने पिछले तीन ओवरों में 21 रन लुटा दिए थे. ऐसी स्थिति में किसी भी कप्तान के लिए उन पर दोबारा भरोसा करना मुश्किल था, लेकिन मदन लाल के भीतर एक अलग ही जिद और आत्मविश्वास था. उन्होंने बिना वक्त गंवाए खुद आगे बढ़कर कप्तान कपिल देव से गेंद मांग ली. मदन लाल आज भी याद करते हुए कहते हैं कि अगर वह कुछ सेकंड की भी देरी करते, तो शायद वह ओवर किसी और को मिल जाता और क्रिकेट का इतिहास कुछ और ही होता. मदन लाल का वह अटूट भरोसा कि मुझे रिचर्ड्स का विकेट लेना है. खेल के प्रति उनके जुनून और कभी हार न मानने वाले जज्बे का सबसे बड़ा प्रमाण है.
कोच और चयनकर्ता की भूमिका
संन्यास के बाद भी मदन लाल क्रिकेट से दूर नहीं रहे.उन्होंने 1996-97 के दौरान भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं. वह हमेशा से युवा प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें मौका देने के पक्षधर रहे हैं. मदन लाल ने 1983 विश्व कप में 17 विकेट लेकर दूसरे सबसे सफल भारतीय गेंदबाज रहे. उन्होंने टेस्ट करियर में 39 मैचों में 71 विकेट लिए और 1,042 रन बनाए. जबकि वनडे करियर में 67 मैचों में 73 विकेट चटकाए और 401 रन जुटाए.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें