चित्रकूट के इन दो ग्राम प्रधानों ने ऐसा क्या खास किया? दिल्ली में राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, ये है पूरी कहानी

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Chitrakoot News: चित्रकूट के दो ग्राम पंचायतों के मुखिया को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से सम्मानित किया गया है. आइए जानते हैं कि इन दोनों दो ग्राम पंचायतों के मुखिया को क्यों सम्मानित किया गया.

चित्रकूट: बुंदेलखंड के पथरीले भूभाग में बसे चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी पानी की भीषण किल्लत के लिए पहचाना जाता था. गर्मियों के दिनों में यहां के लोग कई किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर होते थे, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. आकांक्षी जनपद चित्रकूट में जल संकट से जूझता चित्रकूट क्षेत्र आज हर घर नल से जल योजना के चलते आत्मनिर्भर बनता दिखाई दे रहा है. इन बदलाव केंद्रों की स्थिति में परिवर्तन नरेंद्र मोदी और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं का परिणाम माना जा रहा है.

जल महोत्सव के तहत दो प्रधान सम्मानित 
बता दें कि आज चित्रकूट के अधिकतर गांव में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ पेयजल अब पहुंच रहा है. चित्रकूट की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है. भारत सरकार की ओर से आयोजित जल महोत्सव 2026 के तहत 11 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिले की दो ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया है.

इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनकुंवार ग्राम पंचायत की प्रधान रचना देवी को उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह और वित्तीय स्थिरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया. वहीं छिवलहा ग्राम पंचायत के प्रधान देवस्वरूप को भी इसी श्रेणी में जल शक्ति मंत्री की ओर से सम्मानित किया गया है.

इस गांव में 340 घरों में आ रहा पानी
दिल्ली में राष्ट्रपति से सम्मानित होकर आईं रचना देवी प्रधान मनकुवर मऊ का कहना है कि हमारे गांव में 340 हर घर में पाइपलाइन से पानी पहुंच रहा है. लोग इसका बिल भी समय से जमा कर रहे हैं, जिसके कारण हमको जल जीवन मिशन के तहत राष्ट्रपति ने सम्मानित किया है. हमने कभी नहीं सोचा था कि हम दिल्ली जाकर सीधे राष्ट्रपति से मिल पाएंगे. यह हमारे लिए बड़ी सौभाग्य की बात है कि हम एक छोटे से गांव की प्रधान होकर इतना बड़ा सम्मान पाए हैं.

वहीं दिल्ली से सम्मान लेकर आए देव स्वरुप प्रधान छिवलहा ने बताया कि यह सम्मान जल जीवन मिशन के तहत था. इसमें हम लोगों ने हर घर नल लगवाने का कार्य किया है, जिसमें हम हर घर में जाकर पानी की समस्या जानते थे और आपस में मीटिंग कर उसकी समस्याओं को हल करते थे. इस समय हमारे गांव के हर घर में न लगे हैं. अगर नल ना होते तो हमारे गांव के लोग प्यासे मर जाते. हमारे गांव में सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक सप्लाई चलती है और पूरे गांव में 422 कनेक्शन लगे हुए हैं.

31 जून तक हर घर तक पहुंच जाएगा जल
वही इस संबंध में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को बताया कि जल जीवन मिशन से जिले की पेयजल की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हुआ है. जिले में वर्तमान में एक लाख सत्रह हजार घरो के सापेक्ष एक लाख तीन हजार घरों में पानी पंहुच चुका है. इसके लिए जिले में ग्राम समूह पेयजल योजनाओ के साथ ही तीन बड़ी परियोजाओं चांदी बांगड़, मुस्तकिल सिलौटा और गुंता रैपुरा पाइप पेयजल योजना के तहत 136 ओवरहेड टैको के सापेक्ष 126 ओवरहेड टैंको का निर्माण किया जा चुका है. शेष कार्य 31 जून तक पूर्ण हो जाएगा.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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