यशस्वी जायसवाल को सता रहा है कप्तानी का ‘भूत’, मैनेजमेंट की फिर ना, गिरते प्रदर्शन की वजह कहीं नेतृत्व की भूख तो नहीं?

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यशस्वी जायसवाल को सता रहा है कप्तानी का ‘भूत’, मैनेजमेंट की फिर ना

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यशस्वी जायसवाल ने हाल ही में टीम मैनेजमेंट के सामने खुद को नेतृत्व की भूमिका के लिए पेश किया था हालांकि, कुमार संगकारा और मैनेजमेंट का मानना है कि यशस्वी अभी एक सीनियर खिलाड़ी के रूप में विकसित हो रहे हैं और उनका मुख्य ध्यान बल्लेबाजी पर होना चाहिए. 

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यशस्वी जायसवाल के कप्तान बनने की लालच उनके गिरते फॉर्म की बड़ी वजह, नहीं दे पा रहे बल्लेबाजी पर ध्यान

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के ‘वंडर बॉय’ यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से दुनिया भर के गेंदबाजों में खौफ पैदा कर दिया है, इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में हैं.  खबरों के मुताबिक, यशस्वी ने राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान बनने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट डायरेक्टर कुमार संगकारा ने उनकी इस ‘फ़रियाद’ को अनसुना कर दिया. इस कप्तानी विवाद के बीच यशस्वी के बल्लेबाजी ग्राफ में आई गिरावट ने प्रशंसकों को चिंता में डाल दिया है.

यशस्वी जायसवाल ने हाल ही में टीम मैनेजमेंट के सामने खुद को नेतृत्व की भूमिका के लिए पेश किया था हालांकि, कुमार संगकारा और मैनेजमेंट का मानना है कि यशस्वी अभी एक सीनियर खिलाड़ी के रूप में विकसित हो रहे हैं और उनका मुख्य ध्यान बल्लेबाजी पर होना चाहिए.  मैनेजमेंट ने कप्तानी के लिए रियान पराग के साथ साथ ध्रुव जुरेल को भी एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा है, क्योंकि एक विकेटकीपर के तौर पर वे खेल को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं.

पिछले सीज़न का ‘बवाल’ और रियान पराग का उदय

कप्तानी को लेकर राजस्थान रॉयल्स में यह खींचतान नई नहीं है पिछले सीज़न (IPL 2025) में जब नियमित कप्तान संजू सैमसन चोटिल होकर बाहर हुए थे, तब भी कप्तानी को लेकर काफी हलचल हुई थी. उस समय यशस्वी की उम्मीदों के विपरीत मैनेजमेंट ने रियान पराग को टीम की कमान सौंपी थी. पराग को कप्तान बनाए जाने के फैसले ने कई सवाल खड़े किए थे, और माना जाता है कि यहीं से टीम के अंदरूनी समीकरणों में बदलाव आने लगा था.

गिरता प्रदर्शन: आंकड़ों की जुबानी

मैदान के बाहर चल रही इस कप्तानी की जंग का असर सीधे तौर पर यशस्वी की बल्लेबाजी पर पड़ता दिख रहा है.  2023 में 625 रन बनाने वाले यशस्वी का बल्ला 2024 और 2025 में उस लय में नहीं दिखा. यशस्वी का पावरप्ले में आउट होने का दर पहले के 29% से बढ़कर अब 44% तक पहुँच गया है. पिछले दो सीज़न में उनके ‘अटैकिंग शॉट’ का प्रतिशत गिरकर 70% रह गया है, जो उनके स्वाभाविक निडर खेल के विपरीत है. IPL 2025 में यशस्वी ने कई पारियों में संघर्ष किया और केवल कुछ ही बड़ी पारियां खेल पाए.

क्या है भविष्य की योजना?

IPL 2026 के लिए रिटेंशन लिस्ट में यशस्वी का नाम शामिल है, लेकिन नेतृत्व की भूमिका को लेकर सस्पेंस बरकरार है.  जहां एक ओर ध्रुव जुरेल और यशस्वी कप्तान पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं, वहीं संजू सैमसन के टीम से अलग होने की अटकलों ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है. यशस्वी जायसवाल के लिए यह समय मानसिक मजबूती दिखाने का है.  यदि वे अपने गिरते हुए ग्राफ को सुधारना चाहते हैं, तो उन्हें कप्तानी की महत्वाकांक्षा को पीछे छोड़कर अपनी उस आक्रामक बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बनाया था.

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