Dhurandhar 2 Patna Public Review: ‘असली फिल्म अब शुरू हुई’, सीटियों से गूंज उठा पटना का थिएटर
पटना. बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली फिल्म धुरंधर का बहुप्रतीक्षित सीक्वल धुरंधर द रिवेंज आज यानी 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. रिलीज से ठीक एक दिन पहले 18 मार्च को इसका पेड प्रीव्यू रखा गया. इसमें दर्शकों का जबरदस्त हुजूम उमड़ पड़ा. राजधानी पटना में शाम 5 बजे शुरू हुए पहले शो में ही लंबी कतारें देखने को मिलीं. फिल्म शुरू होते ही थिएटर का माहौल पूरी तरह बदल गया. हर दमदार डायलॉग पर सीटियां और तालियों की गूंज सुनाई देती रही. करीब चार घंटे लंबी इस फिल्म के दौरान दर्शक अपनी सीट से नजर तक नहीं हटा रहे थे. आंखें बस स्क्रीन पर टिकी रहीं और कहानी में पूरी तरह डूबे नजर आए.
गांधी मैदान के पास स्थित रिजेंट सिनेमा से पहला शो देखकर बाहर निकले दर्शकों से जब लोकल 18 ने बातचीत की, तो हर कोई फिल्म की तारीफ करते नहीं थका. लोगों का कहना था कि पहला पार्ट तो महज झलक था, असली धमाका तो इस बार देखने को मिला है. दर्शकों ने इसे फुल पैसा वसूल बताते हुए कहा कि फिल्म इतनी जबरदस्त है कि समय का एहसास ही नहीं होता है. कई दर्शकों का जोश इतना ज्यादा था कि उन्होंने दोबारा फिल्म देखने की बात भी कह डाली. उनका कहना था कि चार घंटे कब गुजर गए, पता ही नहीं चला. मन है कि अभी भी भरा नहीं है.
नया भारत है घुस कर मारेगा
फिल्म देखकर बाहर निकल रहे जोश से भरे दर्शक सुमित कुमार ने बताया कि यह नया भारत है, घर में घुसकर मारता है. उन्होंने कहा कि फिल्म में भारत में हुए कई आतंकी हमलों को जोड़ते हुए बेहद शानदार तरीके से दिखाया गया है. मूवी एकदम फाड़ू है, इसकी तारीफ करने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे. एक्शन सीन इतने जबरदस्त हैं कि देखते ही मुंह खुला का खुला रह जाता है.
उन्होंने आगे बताया कि थिएटर से बाहर निकलने वाले ज्यादातर दर्शक फिल्म की तारीफ करते हुए ही नजर आ रहे थे. सभी के चेहरे पर खुशी और संतुष्टि साफ दिख रही थी. इस फिल्म के जरिए यह भी समझने का मौका मिला कि देश का इंटेलीजेंस किस तरह काम करती हैं. सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक, कोई भी फैसला यूं ही नहीं लिया जाता. उसके पीछे बड़ी और सटीक प्लानिंग होती है. फिल्म ने दर्शकों को हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियों के कामकाज से रूबरू कराया है. इसपर हर किसी को गर्व महसूस हो रहा है. आखिर में सुमित ने कहा,”सच में, मस्त मूवी है.”
आदित्य धर और उनकी टीम को सेल्यूट है
दर्शक सुमन सिन्हा ने बताया कि फिल्म भले ही चार घंटे लंबी है, लेकिन जैसे ही आप हॉल में बैठते हैं, आपको समय का बिल्कुल भी अहसास नहीं होता. पता ही नहीं चलता कि ये चार घंटे कब बीत गए. फिल्म का एक भी मिनट ऐसा नहीं है, जहां आपकी नजर स्क्रीन से हटे. सुमन के मुताबिक, फिल्म का हर सीन इतनी बेहतरीन तरीके से पिरोया गया है कि दर्शक शुरुआत से अंत तक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. फिल्म यह भी दिखाती है कि किस तरह देशद्रोही ताकतें देश को अंदर से भारत को खोखला करने की कोशिश करती हैं और विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर नुकसान पहुंचाती हैं. यह फिल्म हर उस व्यक्ति को देखनी चाहिए, जिसे भारत से प्रेम है. आगे उन्होंने कहा, “पहले पार्ट को मैंने पांच बार देखा था और इस पार्ट को भी कम से कम चार बार और देखूंगा. यही मेरी तरफ से आदित्य धर और उनकी पूरी टीम को सैल्यूट है.”
पार्ट 01 ट्रेलर था, असली पिक्चर तो यह है
फिल्म देखकर बाहर निकले ईशान ने बताया कि पिछला पार्ट तो बस ट्रेलर था, असली फिल्म तो यही है. बलिदान परमो धर्म को जिस अंदाज में फिल्म में दिखाया गया है, वह काबिले तारीफ है. इस फिल्म के जरिए लोग इंटेलिजेंस एजेंसियों के बलिदान को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे. ईशान ने आगे कहा,”आदित्य धर के बारे में क्या कहें. उनके काम की तारीफ के लिए किसी भी भाषा में शब्द कम पड़ जाएंगे.” उन्होंने आगे बताया कि सिनेमा हॉल का माहौल पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर था. फिल्म शुरू होने से लेकर खत्म होने तक दर्शकों का जोश चरम पर रहा. हर सीन पर लोगों की तालियां, सीटियां और उत्साह से पूरा थिएटर गूंजता रहा.
रणवीर सिंह का फैन होने पर प्राउड फील हो रहा है
उन्होंने आगे कहा कि धुरंधर के पहले पार्ट में अक्षय खन्ना की दमदार एक्टिंग के सामने रणवीर सिंह को कई लोग अंडररेटेड कह रहे थे. लेकिन इस फिल्म में असली रणवीर सिंह देखने को मिला, जिनके हम सब पहले से फैन रहे हैं. उन्होंने कहा, “रणवीर सिंह ने इस बार ऐसा परफॉर्मेंस दिया है कि लोगों को खुद पर गर्व होगा कि वे उनके फैन हैं. उनकी एक्टिंग देखकर हम सिर उठाकर कह सकते हैं कि हम रणवीर सिंह के फैन हैं.”
फिल्म के जरिए पता चला, क्यों हुआ था नोट बंदी
अपने परिवार के साथ फिल्म देखने आए रवि ने बताया कि इस फिल्म के जरिए यह समझने का मौका मिला कि आखिर नोटबंदी जैसे बड़े फैसले क्यों लिए गए थे. उन्होंने कहा कि फिल्म में इस तरह की कई अहम घटनाओं का जिक्र है और उनके पीछे की सच्चाई को भी दिखाने की कोशिश की गई है, जो अब तक आम लोगों की जानकारी में नहीं थी.
अमन ने कहा, “हम लोग अक्सर बहुत छोटे स्तर पर सोचते हैं, लेकिन किसी भी बड़े फैसले के पीछे की वजह और उसकी प्लानिंग कैसी होती है, यह इस फिल्म में बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है.”
उन्होंने आगे कहा कि हम अक्सर सोचते थे कि नोटबंदी क्यों हुई, लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद यह समझ में आता है कि अगर नोटबंदी नहीं हुई होती, तो आज देश का कितना नुकसान होता.”
म्यूजिक से लेकर सस्पेंस तक सबकुछ पैसा वसूल
विकास ने कहा कि फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक रेट्रो और मॉडर्न का शानदार मिश्रण है. साथ ही एक्शन से भरपूर इस फिल्म को देखते समय दर्शकों को पूरा मजा आएगा. कई अन्य दर्शकों ने भी इस फिल्म को फुल पैसा वसूल, धांसू, जबरदस्त, शानदार, दमदार, मजेदार, बेहतरीन, लाजवाब, टॉप क्लास और सुपरहिट बताते हुए जमकर तारीफ की.