भारतीय रेलवे यात्रियों को दे रहा है 60 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब और मध्यम वर्ग के लिए रेलवे में 60 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रहे हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो, प्रयागराज स्टेशन और चिनाब पुल का जिक्र किया.

उन्होंने राम सेतु के निर्माण का उदाहरण देते हुए यह बात कही.
नई दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए ट्रेनों में 60 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर गांव में रह रही किसी मां का बेटा शहर में काम करता है और समय पर पैसे घर नहीं भेज पाता, तो भी मां जानती है कि उसका एक बेटा नरेंद्र मोदी है, जो हर महीने उसके पास राशन पहुंचाता है.
रेल मंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मैं एक साधारण टेक्नोक्रेट और कार्यकर्ता हूं. प्रधानमंत्री जी ने मुझे सेवा का अवसर दिया, इसके लिए मैं कृतज्ञ हूं. उन्होंने राम सेतु के निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे प्रभु श्री राम के सेतु में एक छोटी गिलहरी ने भी अपना योगदान दिया था, उसी तरह विकसित भारत के निर्माण में वह खुद को एक छोटी गिलहरी मानते हैं.
वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 1972 से 2014 तक सिर्फ 28 किमी मेट्रो बनी थी, लेकिन पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 45 किमी का विस्तार हुआ है. प्रयागराज स्टेशन के पुनर्निर्माण का भी उदाहरण दिया, जहां वर्षों से काम अधूरा था, लेकिन अब प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प से काम तेजी से चल रहा है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पीएम गति शक्ति पोर्टल से रेलवे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित विकास हो रहा है.
इससे आने वाले 50 सालों के लिए मजबूत आधार तैयार हो रहा है. मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की संस्कृति, त्योहारों और आकांक्षाओं को प्राथमिकता दी, जिससे हर विभाग में बड़ा बदलाव आया है. रेल मंत्री ने मेट्रो, टनल और अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 तक सिर्फ 125 किमी टनल बनी थीं, लेकिन अब 486 किमी टनल बन चुकी हैं. इससे दूर दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ी है.
उन्होंने चिनाब पुल पर प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा लहराने का भी जिक्र किया, जिसे गौरवमयी क्षण बताया. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रेलवे ने माल ढुलाई, ट्रैक विस्तार, विद्युतीकरण, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक में ऐतिहासिक काम किए हैं. यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक नहीं, बल्कि एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर रेलवे की दिशा में बड़ा कदम है.