बिरयानी से अलग है हैदराबाद का ये खास स्वाद, इमली भात क्यों बना लोगों की पहली पसंद
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Hyderabad Famous Biryani : हैदराबाद की शाही बिरयानी और हलीम के अलावा इमली भात (पुलिहोरा) भी प्रसिद्ध है. खट्टे-तीखे स्वाद और स्वास्थ्य गुणों के कारण यह व्यंजन त्योहारों और रोजमर्रा के खाने में लोकप्रिय है. इमली भात की सबसे बड़ी पहचान उसका संतुलित स्वाद है, जिसमें खट्टापन और तीखापन एक साथ महसूस होता है.
हैदराबाद. हैदराबाद को अक्सर उसकी शाही बिरयानी और मशहूर हलीम के लिए याद किया जाता है, लेकिन इस शहर का स्वाद सिर्फ मांसाहारी पकवानों तक सीमित नहीं है. पुराने मोहल्लों और पारंपरिक रसोइयों में आज भी कई ऐसे व्यंजन बनते हैं, जो सादगी में भी गहराई लिए होते हैं. इन्हीं में से एक है इमली भात, जिसे स्थानीय लोग पुलिहोरा के नाम से जानते हैं.
यह व्यंजन सिर्फ खाने का हिस्सा नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ स्वाद है. त्योहारों से लेकर घर के रोजमर्रा के खाने तक, इमली भात की अपनी अलग जगह है. इसकी खुशबू और स्वाद दोनों ही ऐसे हैं, जो एक बार खाने के बाद लंबे समय तक याद रह जाते हैं.
खट्टे और तीखे स्वाद का संतुलन
इमली भात की सबसे बड़ी पहचान उसका संतुलित स्वाद है, जिसमें खट्टापन और तीखापन एक साथ महसूस होता है. इसे बनाने के लिए पहले चावल को अच्छी तरह पकाया जाता है, फिर उसमें गाढ़ा इमली का गूदा मिलाया जाता है. इसके बाद असली स्वाद तड़के से आता है. राई, जीरा और करी पत्ता जब तेल में तड़कते हैं, तो उनकी खुशबू पूरे माहौल को भर देती है. इसमें डाली गई कुरकुरी मूंगफली इसे एक अलग टेक्सचर देती है. सूखी लाल मिर्च और हरी मिर्च मिलकर इसे वह तीखापन देती हैं, जो इसे खास बनाता है.
सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का भी ख्याल
इमली भात को सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि इसके स्वास्थ्य गुणों के लिए भी पसंद किया जाता है. इमली में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C इसे पाचन के लिए अच्छा बनाते हैं. यही वजह है कि यह हल्का होने के साथ-साथ पेट के लिए भी आरामदायक माना जाता है. हैदराबाद के पुराने इलाकों में आज भी कई परिवार अपनी पारंपरिक रेसिपी के अनुसार इसे तैयार करते हैं. खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान मंदिरों में इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है, जहां लोग बड़ी श्रद्धा से इसे ग्रहण करते हैं.
समय के साथ बढ़ती गई लोकप्रियता
समय के साथ इसकी लोकप्रियता और बढ़ी है. अब यह व्यंजन सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर भी आसानी से मिल जाता है. जल्दी बनने और देर तक खराब न होने की वजह से यह यात्रियों और कामकाजी लोगों के लिए भी एक सुविधाजनक विकल्प बन गया है. अगर आप हैदराबाद जाते हैं और वहां के असली स्वाद को समझना चाहते हैं, तो इमली भात जरूर चखें. यह आपको सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय संस्कृति की एक झलक महसूस कराएगा.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें