एक्सप्लेनर: बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में कैसे तय होंगे खिलाड़ियों के ग्रेड… इन दो शर्तों को करने होंगे पूरे, समझें नए नियम

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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपनी रिटेनरशिप प्रणाली के तहत चयनित भारतीय क्रिकेटरों को सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट देता है. ये कॉन्ट्रेक्ट कैटेगरी में बांटे जाते हैं. इसके तहत पात्रता एक निश्चित अवधि में खिलाड़ी के प्रदर्शन, निरंतरता और सभी प्रारूपों में भागीदारी पर आधारित होती है. प्रत्येक अनुबंधित खिलाड़ी को उनकी कैटेगरी के आधार पर एक निश्चित सालाना रिटेनर राशि दी जाती है. यह राशि मैच फीस और फ्रेंचाइजी आय (जैसे, आईपीएल अनुबंध) जैसी अन्य आय से अलग होती है. पिछले साल तक बीसीसीआई के सालाना कॉन्ट्रेक्ट में चार कैटेगरी थीं ए प्लस, ए, बी और सी. हालांकि, ताजा रिटेनरशिप चक्र में, बीसीसीआई ने ए प्लस  कैटेगरी को खत्म कर दिया है.

ए प्लस कैटेगरी सभी फॉर्मेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आरक्षित थी. पहले, रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह जैसे क्रिकेटर इस कैटेगरी का हिस्सा थे. तीनों प्रारूपों में लगातार खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या कम होने के कारण कथित तौर पर केवल बुमराह ही इस मानदंड को पूरा करते थे. इसलिए इस कैटेगरी को हटा दिया गया. हालांकि, हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अब बहुत कम खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे हैं. माना जा रहा है कि केवल जसप्रीत बुमराह ही उन कड़े मानदंडों को पूरा कर रहे थे. इसी असमानता को देखते हुए बीसीसीआई ने इस कैटेगरी को ही हटाने का फैसला किया है.अब बीसीसीआई का सबसे बड़ा ग्रेड ए है.

बीसीसीआई के सालाना अनुबंध के नए नियम.

किसे मिलेगा कौन सा ग्रेड? समझें नए नियम
बीसीसीआई ने कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए कड़े मापदंड तय किए हैं.’द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, योग्यता के मानक कुछ इस तरह हैं.

1. ग्रेड ए (5 करोड़ रुपये सालाना)
इस ग्रेड में जगह बनाने के लिए खिलाड़ी को नीचे दी गई कम से कम दो शर्तों को पूरा करना होगा.

कम से कम दो फॉर्मेट में खेलना होगा.

प्लेइंग इलेवन में ‘ऑटोमैटिक सिलेक्शन’ (यानी टीम की पहली पसंद).

टेस्ट टीम में नियमित चयन और कम से कम 40 मैचों का अनुभव.

आईसीसी विश्व रैंकिंग में टॉप-15 में शामिल होना.

2. ग्रेड बी (3 करोड़ रुपये सालाना)
यहां जगह पाने के लिए भी दो शर्तें अनिवार्य हैं

दो फॉर्मेट में खेलना.

टीम में निरंतर चयन.

विश्व रैंकिंग में टॉप-20 में होना.

टेस्ट टीम में नियमित चयन के साथ 60 या अधिक मैचों का अनुभव.

सैलरी स्ट्रक्चर: मैच फीस और रिटेनरशिप
बीसीसीआई के अनुबंध के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है

सालाना रिटेनर फीस

ग्रेड ए: 5 करोड़ रुपये

ग्रेड बी: 3 करोड़ रुपये

ग्रेड सी: 1 करोड़ रुपये

(नोट: यह राशि खिलाड़ी की आईपीएल इनकम और विज्ञापन से होने वाली कमाई से अलग है.)

मैच फीस (प्रति मैच)
रिटेनरशिप के अलावा, खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने के लिए अलग से फीस मिलते हैं.

टेस्ट मैच: 15 लाख रुपये

वनडे मैच: 6 लाख रुपये

टी20 मैच: 3 लाख रुपये

लेटेस्ट प्लेयर लिस्ट 2025-26: किसे मिला कौन सा स्थान?
इस साल कुल 30 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, जो पिछले साल (34 खिलाड़ी) की तुलना में कम है.

ग्रेड ए (3 खिलाड़ी): इस टॉप लिस्ट में केवल शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ने जगह बनाई है. गिल का इस लिस्ट में होना उनके बढ़ते कद को दर्शाता है.

ग्रेड बी (11 खिलाड़ी): हैरान करने वाली बात यह है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अब ग्रेड B का हिस्सा हैं. इनके साथ वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, सूर्यकुमार यादव और श्रेयस अय्यर भी इसी श्रेणी में हैं.

ग्रेड सी (16 खिलाड़ी): इस लिस्ट में युवाओं और टी20 विशेषज्ञों की भरमार है। संजू सैमसन, रिंकू सिंह, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नीतीश कुमार रेड्डी, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई, रुतुराज गायकवाड़ और अक्षर पटेल इस कैटेगरी में शामिल हैं.

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