Chaitra Navratri 2026 Mahashtami Date | Chaitra Navratri 2026 | महाअष्टमी 2026 कब है | वाराणसी समाचार |
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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी का महापर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा. काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, इस दिन मां महागौरी के पूजन, कन्या भोज और हवन का विशेष विधान है. इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और देवी का आगमन ‘डोली’ पर हो रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से राजनीतिक उथल-पुथल का संकेत माना जाता है. सुख-समृद्धि के लिए जानें कन्या पूजन की सही विधि और अष्टमी तिथि का पूर्ण महत्व.
Chaitra Navratri 2026: सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि का हर दिन आस्था और शक्ति का प्रतीक है, लेकिन महाअष्टमी का दिन अपनी विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है. इस दिन महागौरी के पूजन, कन्या भोज और हवन का विधान है, जो साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देता है. इस साल काशी के विद्वानों के अनुसार, महाअष्टमी की तिथि और मां के आगमन की सवारी बेहद खास संकेत दे रही है. आइए जानते हैं क्या है महाअष्टमी की सही तारीख और पूजन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें.
26 मार्च को मनेगी महाअष्टमी, जानें क्या है शुभ मुहूर्त
काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि को महाअष्टमी का महापर्व मनाया जाता है. वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल महाअष्टमी 26 मार्च को पड़ रही है. इसी दिन रात्रि में निशाकालीन पूजा का भी विधान है. यह दिन देवी के आठवें स्वरूप ‘मां महागौरी’ को समर्पित होता है, जिनकी पूजा से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं.
ऐसे करें कन्या पूजन, प्रसन्न होंगी मां महागौरी
महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष फल मिलता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन 2 से 9 वर्ष तक की कन्याओं को साक्षात देवी का रूप मानकर उनका पूजन करना चाहिए. कन्याओं को पूड़ी, हलवा और फल का प्रसाद अर्पित करें. पूजन के बाद उनकी आरती उतारें और विदाई के समय उन्हें उपहार व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें. ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है.
हवन से मिलेगी सुख-शांति और समृद्धि
अष्टमी तिथि पर घर में हवन करना बेहद कल्याणकारी माना गया है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यदि आम की लकड़ी के साथ ‘नवग्रह’ की लकड़ियों (समिधा) का उपयोग किया जाए, तो देवी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. हवन से वातावरण शुद्ध होता है और घर में सुख, शांति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
19 मार्च से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, डोली पर आ रही हैं मां
इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है. पंचांग के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का आगमन डोली पर हो रहा है, जबकि उनका प्रस्थान हाथी पर होगा. शास्त्रों में देवी का डोली पर आगमन शुभ नहीं माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब मां डोली पर आती हैं, तो राजनीतिक उथल-पुथल, युद्ध की आशंका और जनमानस में मानसिक अस्थिरता जैसे हालात बन सकते हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें