13 लाख का कर्ज और डॉन बनने की चाहत, अपने ही जाल में फंस गया रेस्टोरेंट मालिक, पुलिस ने खोली पोल
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Delhi Crime News: दिल्ली के पश्चिम विहार के ‘नाइट आउल’ रेस्टोरेंट के बाहर हुई फायरिंग की कहानी झूठी निकली. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रेस्टोरेंट मालिक तपन दास ने 13 लाख का कर्ज चुकाने से बचने और खुद को विदेशी गैंगस्टरों का शिकार बताकर प्रभाव जमाने के लिए खुद ही फायरिंग की साजिश रची थी. दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत शूटर और मददगार को हथियार व स्कूटी के साथ दबोच लिया है.

दिल्ली पुलिस ने रेस्टोरेंट मालिक सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है.
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में 15 मार्च को हुई फायरिंग की एक घटना ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए थे. लेकिन जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ और पश्चिम विहार ईस्ट थाने की टीम ने जांच की परतें खोलीं, तो एक ऐसी साजिश सामने आई जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया. जिस रेस्टोरेंट मालिक ने खुद को खूंखार गैंगस्टरों का शिकार बताया था, वही इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला. ‘नाइट आउल’ रेस्टोरेंट के बाहर फायरिंग की सूचना मिली तो पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस को रेस्टोरेंट के लोहे के गेट पर गोलियों के दो निशान और खाली खोखे मिले. हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन इलाके में दहशत फैल गई थी. पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ बीएएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की.
डीसीपी, बाहरी जिला विक्रम सिंह के निर्देश पर एक तेज तर्रार टीम को इस गुत्थी को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में संदिग्धों की तस्वीरें साफ हुईं, जिन्हें इलाके में सर्कुलेट किया गया. 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध ‘सनी उर्फ बोंग’ निहाल विहार नाले के पास देखा गया है. पुलिस ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया. सख्ती से पूछताछ करने पर सनी टूट गया और उसने जो राज खोला, उसने पुलिस को चौंका दिया.
पकड़े गए सनी ने बताया कि यह फायरिंग किसी गैंग ने नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट के मालिक तपन दास उर्फ विश्वास के कहने पर की गई थी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सोनिया कैंप की झुग्गियों से तपन दास को गिरफ्तार किया. पूछताछ में तपन ने कबूल किया कि उसने अलग-अलग फाइनेंसर्स से करीब 13 लाख रुपये का कर्ज ले रखा था. ऐसे में वह गैंगस्टर वाला आइडिया से इससे बचना चाहा. खुद को विदेशी गैंगस्टरों का शिकार बताकर फाइनेंसर्स पर दबाव बनाना ताकि वे पैसे न मांगें. इलाके में पब्लिसिटी पाना और खुद का रसूख स्थापित करना ताकि लोग उसे ‘पहुंच वाला आदमी’ समझें.
शूटर भी गिरफ्तार, हथियार बरामद
तपन के खुलासे के बाद पुलिस ने फायरिंग करने वाले मुख्य शूटर कमलेश उर्फ गांजा को भी गिरफ्तार कर लिया. कमलेश और तपन दोनों ही इलाके के घोषित अपराधी हैं. इस काम में तपन का कर्मचारी सनी उर्फ बोंग को भी पुलिस ने मदद करने के जुर्म में गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी, एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, दो खाली खोखे और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं.
दिल्ली पुलिस की इस कांड का पर्दाफाश कर न केवल झूठी कहानी गढ़ने वाले अपराधियों को बेनकाब किया, बल्कि दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार जैसे गैंगस्टरों के नाम पर चल रहे फर्जी फिरौती वसूलने के रैकेट का भी पर्दाफाश किया है. पुलिस अब इस मामले में अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है.
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भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें