INDIAN NAVY | चीन-पाकिस्तान देखते रह गए और भारत ने हिंद महासागर में गाड़ दिया झंडा, 16 देशों के नौसैनिकों को दे रहा ट्रेनिंग
Last Updated:
Indian Navy News: भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग बढ़ाने के लिए ‘आईओएस सागर’ के दूसरे संस्करण की शुरुआत की है. इस विशेष ऑपरेशनल प्रोग्राम में 16 मित्र देशों के नौसैनिक शामिल हो रहे हैं. केरल के कोच्चि से शुरू हुआ यह अभियान समुद्री प्रशिक्षण, संयुक्त संचालन और आपसी तालमेल पर केंद्रित है.

हिंद महासागर का असली ‘बॉस’ बना भारत: नौसेना की आईओएस सागर पहल शुरू, 16 मित्र देश हुए शामिल! (AI फोटो)
नई दिल्ली: भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर में ‘आईओएस सागर’ (IONS SAGAR) के दूसरे संस्करण का शंखनाद कर दिया है. यह मित्र राष्ट्रों के साथ समंदर की लहरों पर एक मजबूत साझेदारी की नई इबारत है. इस विशेष कार्यक्रम का सबसे बड़ा मकसद पड़ोसी और मित्र देशों के नौसैनिकों को भारतीय युद्धपोतों पर ट्रेनिंग देना है. भारतीय नौसेना के मुताबिक, 16 मार्च से शुरू हुई इस पहल में दुनिया के 16 देशों के जांबाज हिस्सा ले रहे हैं. कोच्चि के ट्रेनिंग सेंटर्स से शुरू होकर यह सफर समंदर की गहराइयों तक जाएगा. इसमें प्रोफेशनल ट्रेनिंग के साथ-साथ लाइव ऑपरेशंस का अनुभव भी साझा किया जा रहा है. भारत इसके जरिए दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए वह पूरी तरह तैयार है.
कोच्चि से शुरू हुआ मिशन, कैसे बदल जाएगी समुद्री सुरक्षा की तस्वीर?
इस मिशन की शुरुआत केरल के कोच्चि स्थित नौसेना के हाई-टेक ट्रेनिंग सेंटर्स से हुई है. यहां विदेशी नौसैनिकों को समुद्री कौशल और सुरक्षा की बारीकियां सिखाई जा रही हैं. प्रोफेशनल सेशन खत्म होने के बाद सभी प्रतिभागी भारतीय नौसेना के जहाज पर तैनात होंगे. वे समंदर के बीच में होने वाले जटिल ऑपरेशंस को लाइव देखेंगे और उनमें हिस्सा लेंगे. इस दौरान भारतीय नौसेना अपनी बेस्ट प्रैक्टिस और तकनीक को मित्र देशों के साथ साझा करेगी.
‘सागर’ पहल से हिंद महासागर में भारत बनेगा असली ‘बिग ब्रदर’
भारत ने इसी साल फरवरी में ‘इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम’ की कमान संभाली है. इसी के तहत 16 देशों को एक मंच पर लाया गया है. यह पहल भारत सरकार के ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) विजन का हिस्सा है. जब भारतीय जहाज अलग-अलग देशों के बंदरगाहों पर रुकेंगे, तो वहां की लोकल एजेंसियों के साथ सीधा संवाद होगा. इससे न सिर्फ आपसी रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि समंदर में आने वाली चुनौतियों से निपटने की साझा समझ भी विकसित होगी.
The #IndianNavy continues the #IOSSAGAR initiative, reaffirming India’s commitment to maritime cooperation in the Indian Ocean Region.The 2nd edition of Indian Ocean Ship (IOS) SAGAR commenced on 16 Mar 2026, bringing together naval personnel from 16 nations to train and sail… pic.twitter.com/QVb8iOOIDV