‘धुरंधर 2’ देखने से पहले, आप न करें वैभव सूर्यवंशी वाली गलती, वरना हो सकता है भारी-भरकम नुकसान

Share to your loved once


Last Updated:


बीसीसीआई के नमन अवॉर्ड्स 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने ‘धुरंधर’ को अपनी फेवरेट फिल्म बताया, जिससे सोशल मीडिया पर विवाद हुआ. लोगों ने वैभव को ट्रोल करना शुरू कर दिया कि आखिर 14 साल के वैभव ने ‘धुरंधर’ कैसे देखी, जो कि एक एडल्ट फिल्म है. ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ दोनों को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से ए सर्टिफिकेट मिला है यानि कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे ये फिल्म नहीं देख सकते हैं. ऐसे में आप भी वैभव वाली गलती न करें, वरना नुकसान उठाना पड़ सकता है.

ख़बरें फटाफट

'धुरंधर 2' देखने से पहले, आप न करें वैभव सूर्यवंशी वाली गलतीZoom

वैभव सूर्यवंशी ने ‘धुरंधर’ को अपनी फेवरेट फिल्म बताया.

नई दिल्ली. बीसीसीआई के प्रतिष्ठित नमन अवॉर्ड्स 2026 की शाम बेहद शानदार थी, लेकिन अब इस अवॉर्ड फंक्शन की एक क्लिप सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. इस क्लिप में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को कहते देखा जा रहा है कि ‘धुरंधर’ उनकी फेवरेट फिल्म है. बस फिर क्या था सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर 14 साल के वैभव ने एडल्ड ओन्ली फिल्म ‘धुरंधर’ कैसे देखी? अगर आप भी बच्चों के साथ ‘धुरंधर द रिवेंज’ देखने का प्लान बना रहे हैं, तो अभी से सावधान हो जाएं. अगर आप अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ ‘धुरंधर’ देखने जाएंगे तो आपको हजारों का खामियाजा उठाना पड़ सकता है.

अगर आप भी वैभव सूर्यवंशी वाली गलती करने वाले हैं और बच्चों को 18+ फिल्मों के लिए थिएटर ले जाने की सोच रहे हैं, तो यह सिर्फ एक साधारण फैसला नहीं, बल्कि नियमों और जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा है. कई बार पेरेंट्स सोचते हैं कि अगर बच्चा 2-3 साल का है तो फिर क्या ही फर्क पड़ता है. लेकिन ऐसा नहीं है आपको खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ को A सर्टिफिकेट मिला है

भारत में फिल्मों को सर्टिफाई करने का काम सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सीबीएफसी करता है. जब किसी फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दिया जाता है, तो इसका साफ मतलब होता है कि यह कंटेंट सिर्फ 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के दर्शकों के लिए ही उपयुक्त है. इसमें अक्सर हिंसा, गाली-गलौज, इंटीमेट सीन या गंभीर विषय होते हैं, जो बच्चों के लिए सही नहीं माने जाते.

बच्चों संग थिएटर में एंट्री पर लग सकती है रोक

सिनेमाघरों में भी इस नियम को सख्ती से लागू किया जाता है. अगर किसी बच्चे की उम्र कम लगती है, तो थिएटर स्टाफ उसका पहचान पत्र मांग सकता है. ऐसे में बच्चों को अंदर ले जाना आसान नहीं होता. अगर कोई थिएटर इन नियमों को नजरअंदाज करता है, तो यह कानून का उल्लंघन माना जाता है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है.

1 गलती और हजारों की लग सकती है चपत

ऐसे में अगर कोई पेरेंट जोर-जबरदस्ती अपने बच्चे को थिएटर के अंदर लेकर जाने की मांग करता है तो कानून कार्यवाही भी हो सकती है. साथ ही उन्हें भी फिल्म थिएटर में जाने से रोका जा सकता है जिसके चलते आपके टिकट के पैसे भी वेस्ट हो सकते हैं. अब अगर लेटेस्ट फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ की बात करें तो इस फिल्म के पेड प्रीव्यू और फर्स्ट डे टिकट की कीमतें 400 रुपये से शुरू होकर 2500 रुपये तक है. ऐसें में अगर आप बच्चों के साथ जाते हैं और आपको थिएटर में एंट्री नहीं मिलती है तो आपका ढाई हजार तक का नुकसान हो सकता है. इसलिए आप फिल्म देखने जाने से पहले इन नियमों को अच्छी तरह से ध्यान रखें.

About the Author

Pranjul Singh

प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP