एलपीजी संकट के बीच वित्‍तमंत्री का पहला बयान! कहा- कांग्रेस सरकार की गलतियों की भरपाई आज तक कर रहा देश

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LPG Supply : वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली बार एलपीजी संकट पर बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि घरेलू उत्‍पादन को 25 फीसदी बढ़ाया जा रहा है, जिसका पूरा लाभ घरेलू उपभोक्‍ताओं को मिलेगा. उन्‍होंने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तब जारी किए गए तेल बॉन्‍ड की भरपाई आज तक देश को करनी पड़ रही है.

एलपीजी संकट के बीच वित्‍तमंत्री का पहला बयान! रसोई गैस सप्‍लाई पर क्‍या बोलीं?Zoom

देश में घरेलू एलपीजी का उत्‍पादन 25 फीसदी बढ़ाया गया है.

नई दिल्‍ली. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एलपीजी संकट के बीच अपना पहला बयान जारी किया है. उन्‍होंने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच घरों में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है. देश में खरीफ फसल के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है और अगली रबी फसल के लिए पोषक तत्वों की खरीद को लेकर ग्‍लोबल बाजार में बोली प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. वित्‍तमंत्री ने पेट्रोलियम उत्‍पादों पर की गई कांग्रेस की गलतियों पर भी तंज कसा.

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों पर नकद सब्सिडी के बदले तेल विपणन कंपनियों को जारी किए गए 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉन्ड का सरकार निपटान कर रही है. इन बॉन्ड पर ब्याज दर 7 से 8.4 फीसदी के बीच थी. इसका मतलब है कि तब की गई गलती की भरपाई देश को आज तक करनी पड़ रही है. देश में एलपीजी की किल्लत के बारे में उन्होंने कहा कि भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों का लगभग 65 फीसदी आयात करता है. अब पश्चिम एशिया संकट ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. एलपीजी आयात का लगभग 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है. लिहाजा अटकलें लगाई जा रही थीं कि हमें एलपीजी मिलेगी या नहीं.

संकट में भी बनी हुई है सप्‍लाई
वित्‍तमंत्री ने कहा कि इन संकट के समय में हम किस तरह आपूर्ति को सुचारू रूप से सुनिश्चित कर रहे हैं, इस बारे में पर्याप्त रिपोर्ट मौजूद हैं. सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भरता पर जोर देने और भारत की बुनियादी मांगों को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों से देश को मदद मिली है. देश ने अपने बिजली क्षेत्र का व्यापक विकास किया है. यह कई तरह से जरूरतों को पूरा कर रहा है.

12 साल में बिजली उत्‍पादन दोगुना
वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2014 से स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता दोगुनी से अधिक हो गई है और अब देश में बिजली की कोई कमी नहीं है. एलपीजी क्षेत्र में भी हम क्षमता निर्माण कर रहे हैं और इस समय भी, एलपीजी में घरेलू क्षमता बढ़ाने का हमारा जो प्रयास है, उससे भी मदद मिल रही है. सरकार ने आठ मार्च को तेल रिफाइनरियों और पेट्रोरसायन परिसरों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का निर्देश दिया था. इसके परिणामस्वरूप घरेलू स्तर पर भी हम एलपीजी आपूर्ति के लिए क्षमता बढ़ा रहे हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 फीसदी की वृद्धि हो रही है.

घरेलू उपभोक्‍ताओं को होगी ज्‍यादा सप्‍लाई
वित्‍तमंत्री ने कहा कि इस बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता का पूरा हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं को जाएगा. इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि परिवारों को परेशानी न हो, न केवल शिपिंग लाइन की निरंतर आवाजाही जारी है, बल्कि हमने घरेलू स्तर पर भी एलपीजी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए अन्य हाइड्रोकार्बन पदार्थों से एलपीजी उत्पादन की ओर रुख किया है. इसके परिणामस्वरूप, घरेलू आपूर्ति पर्याप्त रूप से व्यवस्थित होगी और आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी.

कैसे बढ़ रहा घरेलू उत्‍पादन
उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में रातोंरात 25 फीसदी की वृद्धि करने की क्षमता, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता और समग्र ऊर्जा मिश्रण में जीवाश्म ईंधन (कोयला आदि) की घटती हिस्सेदारी संयोगवश नहीं हुई है. सरकार के स्थिर नीतिगत दृष्टिकोण की ही वजह से हम किसी भी स्थिति में अचानक सुधार करने में सक्षम हुए हैं, जिससे अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता पड़ने पर हम उसका लाभ उठा सकते हैं. गैर-जीवाश्म यानी स्वच्छ ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 271.97 गीगावाट है, जो कुल क्षमता का 52 फीसदी से अधिक है. जीवाश्म ईंधन की उत्पादन क्षमता 248.5 गीगावाट है.

संप्रग की उधार नीति का आज तक असर
वित्‍तमंत्री ने कहा कि संप्रग सरकार के गलत उधारी कार्यक्रमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. मैं आज इसका जिक्र इसलिए कर रही हूं क्योंकि इनमें से कई उधार अब हम चुका रहे हैं. मुद्दा यह है कि ये उधार उस समय बजट में शामिल नहीं किए गए थे. सीतारमण ने कहा कि यदि इन देनदारियों को बजट में पारदर्शी रूप से शामिल किया जाता, तो राजकोषीय घाटे के आंकड़े बिल्कुल अलग होते. इससे, यदि बजट लेखांकन पारदर्शी होता, तो वृद्धि अनुमान और वास्तविक वृद्धि के आंकड़े उतने मजबूत नहीं दिखते जितने दिखाए गए थे. हालांकि, इस महीने हम संप्रग सरकार द्वारा जारी किए गए सभी तेल बॉन्ड का निपटान कर देंगे.

About the Author

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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