रोटी, सब्जी, दाल बराबर 1 बीहड़ी, मीठी लप्सी संग लीजिए स्वाद, बुंदेलखंड में कहते हैं ताकत का भंडार! रेसिपी
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Bundelkhand Beehadi Lapsi Recipe: बुंदेलखंड में एक ऐसी पारंपरिक डिश बनाई जाती है, जिसे स्थानीय लोग ताकत का भंडार कहते हैं. इसे चाहे खाने की तरह खाएं या नाश्ते में इसका स्वाद जबरदस्त है. यह शुद्ध देसी व्यंजन है. गर्मियों के मौसम में छतरपुर में आलू-चना की बिहड़ी रोटी बनाई जाती है, जिसे सब्जी, चटनी या लप्सी के साथ खा सकते हैं. जानें रेसिपी..
Beehadi Lapsi Food Recipe: बुंदेलखंड में एक ऐसी पारंपरिक डिश बनाई जाती है, जिसे स्थानीय लोग ताकत का भंडार कहते हैं. इसे चाहे खाने की तरह खाएं या नाश्ते में इसका स्वाद जबरदस्त ही रहता है. यह शुद्ध देसी व्यंजन है. इसकी रेसिपी भी बेहद आसान है. बुंदेलखंड में ही नहीं, ये यूपी, बिहार, पंजाब, गुजरात कहीं भी बनाई, खाई जा सकती है.
इस डिश को अलग-अलग नाम से भी जाना जाता है. छतरपुर की इसे क्षेत्रीय भाषा में बिड़ही कहा जाता है. हालांकि, इसे बेढ़ई, बेड़मी के नाम से भी जाना जाता है. इस डिश को बनाने के लिए आपके पास चना और उड़द की दाल होनी चाहिए. अदरक, हरी मिर्च, सौंफ, काली मिर्च, सूखी लाल मिर्च, सूखी धनिया, सूखी मेथी, नमक, छोटा सा टुकड़ा हींग, हल्दी पाउडर और अमचूर पाउडर होना चाहिए.
ऐसे शुरू करें बिहड़ी बनाना
सबसे पहले आधी कटोरी भीगे या उबले चने या चने की दाल ले लें. अब इसे मिक्सी या सिलबट्टे में पीस लें. पिसी हुई दाल की पकड़ मजबूत करने के लिए इसमें आलू भी मिलाया जाता है. इसके बाद कढ़ाई में पिसी दालों के साथ आलू मिला लें. जैसे आलू पराठा का मसाला बनाते हैं वैसे ही इसको बनाना होता है. इसके बाद इस दाल में डलने वाले मसाले भून लें.
भूनने के लिए लें इतने मसाले
20 से 25 काली मिर्च, सूखी लाल मिर्च, सूखी धनिया, नमक, छोटा सा टुकड़ा हींग, हल्दी पाउडर, 2 से 3 चम्मच सौंफ सभी को तवा में भून लें. भुने मसाले को चना-आलू वाले मिक्स पेस्ट में मिलाकर गर्म करें. समोसे और आलू पराठा में जो मसाला बनाया जाता है, वैसे ही इसका मसाला भी आपको तैयार कर लेना है. क्योंकि आपको आगे आटे की लोई में इसको भरना होता है.
रोटी या पूड़ी की तरह बनाएं
आटे की लोई में मसाला भरने के बाद आप इसे रोटी की तरह बना सकते हैं या फिर इसको तेल में पूड़ी की तरह तल सकते हैं. छतरपुर बुंदेलखंड में इस रेसिपी को बिड़ही को रोटी के तौर पर खाया जाता है. जिसे घी में डुबोकर रखा जाता है. फिर इसे लप्सी के साथ खाया जाता है. हालांकि, बिड़ही की रोटी और पूड़ी दोनों बनाकर खा सकते हैं. छतरपुर में बिड़ही रोटी या पूड़ी को लप्सी के साथ खाना पसंद करते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें