जिस पर कब्जे के लिए मराठों ने जंगें लड़ीं, आज जुआरियों-शराबियों का अड्डा, अलीगढ़ में एक किला ऐसा भी, जानें
Last Updated:
Aligarh Fort : अलीगढ़ के पटवारी नगला पर खड़ा ये किला बदहाली के आंसू बहा रहा है. इसकी स्थापना इब्राहिम लोदी के शासनकाल में हुई. इसे तत्कालीन राज्यपाल के बेटे मोहम्मद ने बड़ी हसरतों से बनवाया था, लेकिन आगे चलकर इसकी ये दशा होगी, मोहम्मद ने कल्पना भी नहीं की होगी. माधवराव शासन (1759) के दौरान किले को विकसित किया गया. 1803 में मराठों ने इसको अपने कब्जे में ले लिया. इस वजह से इस किले की महत्ता और बढ़ गई, लेकिन उसके बाद सिर्फ इसका पतन ही हुआ है. इस वक्त अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पास इसकी देखरेख का जिम्मा है.
अलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अपनी जिम्मेदारी किस प्रकार से निभा रहा है, उसकी गवाही अलीगढ़ का ऐतिहासिक किला दे रहा है. अपने में इतिहास और वर्तमान को समेटे खड़ा यह किला जर्जर हो चुका है और जुआरियों-शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है. इस किले की देखरेख और संरक्षण करने की जिम्मेदारी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को पुरातत्व विभाग की ओर से दी गई है. अलीगढ़ का यह किला पटवारी नगला पर है. किले की स्थापना इब्राहिम लोदी के शासनकाल में हुई थी. इसे तत्कालीन राज्यपाल के बेटे मोहम्मद ने बनवाया था. माधवराव शासन (1759) के दौरान किले को विकसित किया गया था. 1803 में अलीगढ़ जंग के दौरान मराठों ने इस किले को अपने कब्जे में ले लिया था, जिसके कारण इस किले की महत्ता और बढ़ गई थी. इतिहास की गवाही देने वाले इस किले के विकास का पहले तो पूरा ख्याल रखा जाता था, लेकिन कुछ सालों से यह अनदेखी का शिकार हो रहा है.
किले में एंट्री के लिए आपको किसी भी दरवाजे की जरूरत नहीं पड़ेगी. किले की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं चारों तरफ दीवारें जगह-जगह से टूट चुकी हैं. न तो कई देखरेख करने वाला है और न कोई सुरक्षा गार्ड. ऐसे में स्थानीय लोग किले में घुसे रहते हैं. किले की अनदेखी के कारण किले के दरवाजे समेत अन्य जरूरी सामान चोरी हो चुके हैं. इतिहास को समेटे इस धरोहर की ऐसी बदहाली और अनदेखी का परेशान करने वाली है.
किले पर घूमने आए पर्यटक विनय माथुर ने बताया कि जिस तरीके से यह एक ऐतिहासिक और प्राचीन किला है, इसकी अलीगढ़ में एक अलग ही पहचान है. जबसे इस किले को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हाथों सौंप दिया गया है, तब से इसकी हालत गंभीर बनी हुई है. इसकी सुरक्षा और देखभाल के दावे AMU की ओर से किए जाते हैं, जो हवा हवाई हैं. इसका हालत खराब है. यहां किसी प्रकार की कोई देखभाल नहीं हो रही है. कब कौन आता है, कौन जाता है, इसकी कोई खबर नहीं रखी जाती है. सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं. यहां पर शराबी, नशेड़ी और जुआरी पड़े रहते हैं. इन लोगों का अड्डा बन चुका है. लोकल 18 ने इस बारे में AMU प्रशासन से जानकारी मांगी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
About the Author
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें