आतंक की जमीन बन रहा गाजियाबाद? मददगार कौन, आका कौन? पता लगा रही खुफिया एजेंसी
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इस समय उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले में खुफिया एजेंसियों ने डेरा डाला हुआ है. सूत्रों के मुताबिक 2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने हैं. लेकिन उससे पहले गाजियाबाद जिले में युवाओं को बरगलाने की बड़ी साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन रच सकते हैं, जिसका खुलासा भी हुआ है.

आतंक का ठिकाना बनता जा रहा है गाजियाबाद.(सांकेतिक तस्वीर)
गाजियाबादः दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अलग-अलग इलाकों में लगातार संदिग्ध लड़कों की गिरफ्तारी ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों की बेचैनी बढ़ा दी है. हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध लोगों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी की गई. इन सभी से पूछताछ की गई है और इनके मोबाइल फोन भी चेक किए गए हैं, जिसमें पता चला है कि यह सभी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के वीडियो देखने के अलावा पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में रहकर महत्वपूर्ण ठिकानों की जानकारियां साझा कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर देखे जा रहे वीडियो से क्या कोई बड़ी साजिश प्लान की जा रही है. अबतक कुल कितनी लोकेशनों की जानकारियां साझा की जा चुकी हैं? तो वहीं इन 12 लोगों के अलावा जिले में क्या कुछ और भी इन लोगों से जुड़े हुए लोग हैं? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है.
पाकिस्तान के हैंडलर्स जुटा रहे हैं अहम ठिकानों की डिटेल
बता दें कि इस समय उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले में खुफिया एजेंसियों ने डेरा डाला हुआ है. सूत्रों के मुताबिक 2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने हैं. लेकिन उससे पहले गाजियाबाद जिले में युवाओं को बरगलाने की बड़ी साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन रच सकते हैं, जिसका खुलासा भी हुआ है. अब तक गिरफ्तार लोगों की गतिविधियां देश विरोधी नजर आ रही हैं, जिनके पास से काफी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी बरामद हुए हैं. जिनकी फॉरेंसिक जांच की गई है. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स अलग-अलग महत्वपूर्ण लोकेशनों की जानकारी इनके माध्यम से जुटा रहे हैं.
क्या जैश का कोई यहां छिपा हुआ है?
ऐसे में यूपी एटीएस की कई टीमें गाजियाबाद जिले में अलर्ट पर है. सवाल कई हैं कि क्या आतंकी संगठन जैश युवाओं को अपने संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रहा है. भारत में इसके पीछे मास्टरमाइंड कौन है? जो पाकिस्तान के हैंडलर के संपर्क में रहकर इन्हें टास्क दे रहा है. इनका मकसद क्या है? जो एक ही जिले में अलग अलग इलाकों में इतने संदिग्ध पकड़े गए.
क्या पश्चिमी यूपी में किसी तरह की हो रही है प्लानिंग
यूपी एटीएस समेत इंटेलिजेंस की टीमें यह पता लगाने में जुट गई हैं कि क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी तरह की बड़ी प्लानिंग की जा रही है? क्योंकि दिल्ली से सटे गाजियाबाद में युवाओं को अपने वीडियो भेज कर आकर्षित कर रहे हैं और उनसे दिल्ली एनसीआर के महत्वपूर्ण इलाकों के वीडियो और फोटो हासिल कर रहे हैं आतंकी संगठन. अब सवाल यह है कि इसके पीछे का मकसद कुछ भी हो सकता है. इसलिए एजेंसियां अब इन्हें कभी भी रिमांड में लेकर सिलसिलेवार पूछताछ कर सकती हैं.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें