दही वाली कढ़ी नहीं… यह है सिंधी स्टाइल कढ़ी! एक बार बनाकर देखेंगे तो हर वीकेंड यही मांगेंगे
Sindhi Kadhi Recipe: वीकेंड आते ही अक्सर घरों में एक सवाल घूमता है-आज लंच में ऐसा क्या बनाया जाए जो हल्का भी हो और स्वाद भी भरपूर दे. ऐसे वक्त में कई लोग दाल, सब्जी या पुलाव सोचते हैं, लेकिन अगर आप कुछ अलग और दिल को सुकून देने वाला खाना चाहते हैं तो सिंधी कढ़ी एक शानदार विकल्प हो सकता है. सिंधी कढ़ी की खासियत यह है कि यह आम कढ़ी से थोड़ी अलग होती है. इसमें दही का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि बेसन, इमली और अलग-अलग सब्जियों के साथ इसे धीरे-धीरे पकाया जाता है. नतीजा होता है एक गाढ़ी, हल्की खट्टी और खुशबूदार कढ़ी जो गर्म चावल के साथ कमाल लगती है. दिलचस्प बात यह है कि सिंधी परिवारों में यह सिर्फ एक डिश नहीं बल्कि एक परंपरा जैसा है. रविवार या छुट्टी वाले दिन जब पूरा परिवार साथ बैठकर खाना खाता है, तब सिंधी कढ़ी का स्वाद और भी खास लगने लगता है.
सिंधी कढ़ी: सिंधी खानपान की पहचान
-भारत में कढ़ी की कई किस्में मिलती हैं. कहीं दही वाली कढ़ी बनती है, तो कहीं पकौड़ों के साथ. लेकिन सिंधी कढ़ी की बात अलग है.
-इस कढ़ी की सबसे खास बात इसका खट्टा और हल्का मसालेदार स्वाद है. इसमें बेसन को पहले तेल में भूनकर उसका बेस तैयार किया जाता है. फिर सब्जियां और इमली डालकर इसे धीरे-धीरे पकाया जाता है.
-दिलचस्प बात यह है कि सिंधी कढ़ी में अक्सर मौसम के हिसाब से सब्जियां डाली जाती हैं. जैसे आलू, भिंडी, फूलगोभी, गाजर या सहजन. इससे कढ़ी का स्वाद भी बदलता रहता है और पोषण भी बढ़ जाता है.
घर पर सिंधी कढ़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
अगर आप पहली बार सिंधी कढ़ी बना रहे हैं तो ज्यादा जटिल चीजों की जरूरत नहीं है. ज्यादातर सामग्री आपके किचन में पहले से मौजूद रहती है.
सामग्री
3 बड़े चम्मच बेसन
2 बड़े चम्मच तेल
½ छोटा चम्मच राई
½ छोटा चम्मच जीरा
8–10 करी पत्ते
1 छोटा टमाटर (कटा हुआ)
½ कप कटे हुए आलू
¼ कप कटे हुए भिंडी
¼ कप फूलगोभी के फूल
1 बड़ा चम्मच इमली का गूदा
1½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच नमक
3 कप पानी
1 बड़ा चम्मच कटी हुई धनिया पत्ती
इन सब चीजों के साथ आप आसानी से घर में असली सिंधी कढ़ी बना सकते हैं.
सिंधी कढ़ी बनाने की आसान विधि
1. तड़के से शुरू करें
सबसे पहले एक गहरी कढ़ाई लें और उसमें तेल गर्म करें. जब तेल हल्का गर्म हो जाए तो उसमें राई, जीरा और करी पत्ते डालें. जैसे ही ये चटकने लगें, किचन में एक शानदार खुशबू फैलने लगती है. यही खुशबू आगे पूरी कढ़ी का स्वाद तय करती है.
2. बेसन को सही तरीके से भूनें
अब इस तड़के में बेसन डालें और मध्यम आंच पर इसे भूनना शुरू करें. यह कदम थोड़ा धैर्य मांगता है. बेसन को लगातार चलाते रहें ताकि वह जले नहीं. जब बेसन हल्का सुनहरा होने लगे और उसमें हल्की नटी खुशबू आने लगे, तब समझिए कि बेस तैयार है.
3. सब्जियां और मसाले मिलाएं
अब इसमें कटे हुए टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें. इसके बाद आलू, भिंडी और फूलगोभी जैसी सब्जियां डालकर सब कुछ अच्छे से मिला लें. कुछ मिनट तक इसे हल्का पकने दें ताकि सब्जियां मसालों के साथ अच्छी तरह घुल जाएं.
4. पानी और इमली डालें
अब इसमें धीरे-धीरे पानी डालें और साथ ही इमली का गूदा मिलाएं. ध्यान रखें कि बेसन में गांठें न बनें. इसलिए मिश्रण को लगातार चलाते रहें. यही स्टेप कढ़ी को सही टेक्सचर देता है.
5. धीमी आंच पर पकाएं
अब कढ़ी को धीमी आंच पर करीब 15–20 मिनट तक पकने दें. इस दौरान सब्जियां नरम हो जाती हैं और इमली, मसाले और बेसन का स्वाद एक-दूसरे में घुल जाता है. कढ़ी धीरे-धीरे गाढ़ी होने लगती है.
6. आखिर में सजाएं और परोसें
जब कढ़ी तैयार हो जाए तो गैस बंद करें और ऊपर से कटी हुई धनिया पत्ती डालें. अब इसे गरम-गरम भाप में पके चावल के साथ परोसें. यकीन मानिए, पहला कौर लेते ही आपको घर का असली स्वाद महसूस होगा.
वीकेंड लंच के लिए क्यों है परफेक्ट
-सिंधी कढ़ी की सबसे अच्छी बात यह है कि यह भारी नहीं लगती.
-अगर घर में पूरा परिवार एक साथ लंच कर रहा हो, तो चावल के साथ यह कढ़ी हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. बच्चों को इसका हल्का खट्टा स्वाद अच्छा लगता है, जबकि बड़े लोग इसके देसी मसालों का मजा लेते हैं.
-कई लोग तो अगले दिन बची हुई कढ़ी को और भी स्वादिष्ट मानते हैं क्योंकि तब तक इसका स्वाद और गहरा हो जाता है.