दिल्ली पुलिस ने अपने ही एक इंसपेक्टर को किया गिरफ्तार, इस शख्स पर झाड़ रहा था रौब
नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत विजिलेंस यूनिट (सतर्कता इकाई) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. शाहदरा जिले के गीता कॉलोनी थाने में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए आरोपी की पहचान एएसआई रोहताश कुमार के रूप में हुई है, जो एक दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी पक्ष को डरा-धमकार पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा था.
शिकायतकर्ता, जो दिल्ली के शाहदरा का रहने वाला है, उसने बाराखंभा रोड स्थित विजिलेंस यूनिट के कार्यालय में पहुंचकर एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी ने उसके और उसके परिवार के खिलाफ गीता कॉलोनी थाने में दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है. इस मामले की जांच अधिकारी एएसआई रोहताश कुमार उसे और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को लगातार परेशान कर रहा था.
शिकायत के अनुसार, एएसआई रोहताश कुमार ने पीड़ित को धमकी दी थी कि यदि वह और उसके परिजन गिरफ्तारी और सख्त पुलिसिया कार्रवाई से बचना चाहते हैं, तो उन्हें पैसे देने होंगे. शुरुआत में आरोपी ने 40,000 रुपये की मांग की थी, लेकिन काफी मान-मनौव्वल और मोलभाव के बाद वह 20,000 रुपये लेने पर राजी हो गया.
विजिलेंस यूनिट का जाल और गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस यूनिट ने आरोपी पुलिसकर्मी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया. योजना के मुताबिक, सोमवार 16 मार्च 2026 को रिश्वत की राशि देने का समय और स्थान तय किया गया. विजिलेंस टीम ने गुप्त रूप से जाल बिछाया और जैसे ही एएसआई रोहताश कुमार ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के 20,000 रुपये पकड़े, टीम ने उसे दबोच लिया.
आरोपी के पास से रिश्वत की वह राशि भी बरामद कर ली गई है, जिस पर विजिलेंस टीम ने पहले ही निशान लगाए थे. इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस थाने में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह की वसूली में शामिल रहा है.
कमिश्नर का सख्त संदेश
दिल्ली पुलिस की आम जनता से अपील
विजिलेंस यूनिट के डीसीपी ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं बल्कि तुरंत इसकी सूचना दें. इसके लिए विजिलेंस हेल्पलाइन नंबर- 1064 और व्हाट्सएप नंबर- 9910641064 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके साथ ही नागरिक सीधे बाराखंभा रोड स्थित विजिलेंस कार्यालय जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. यह गिरफ्तारी उन पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो कानून की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर रहे हैं.