विराट-रोहित से रिश्ते पर पहली बार बोले गंभीर, हेड कोच ने बताया टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की सच्चाई, कई बड़ी बात सामने आई
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गौतम गंभीर से यह सवाल पूछा गया कि मीडिया में उनके और रोहित-विराट के रिश्तों को लेकर जो बातें चल रही थीं, तब वह इस स्थिति को कैसे संभाल रहे थे, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर निशाना साधने के बजाय शांत और संतुलित जवाब दिया. गंभीर ने स्वीकार किया कि पिछले डेढ़ साल के दौरान उनसे भी कुछ गलतियां हुई होंगी. उनका कहना था कि इंसान होने के नाते गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन सबसे अहम बात नीयत होती है.

रोहित-विराट से रिश्ते को लेकर पहली बार बोले कोच गौतम गंभीर
नई दिल्ली. 12 महीने में टीम इंडिया को 3 ट्रॉफी जिताने वाले कोच गौतम गंभीर से आज भी फैंस ये जानना चाहते है कि आखिर क्यों टेस्ट टीम से उनकी विदाई हो गई. जब जुलाई 2024 में गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच बनाया गया, तब टीम एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही थी. उसी समय टी20 क्रिकेट से रोहित शर्मा और विराट का संन्यास हो चुका था, लेकिन टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में दोनों की भूमिका अभी बाकी थी. गंभीर की नियुक्ति के साथ ही टीम इंडिया में नई सोच और नए प्रयोगों की शुरुआत हुई.
हालांकि इस बदलाव के दौर में कई तरह की चर्चाएं भी सामने आने लगीं. क्रिकेट जगत में यह अटकलें तेज हो गईं कि गंभीर और टीम के सीनियर खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं. स्थिति तब और ज्यादा चर्चा में आ गई जब 2025 के इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास का ऐलान कर दिया. कई आलोचकों ने इन फैसलों को सीधे तौर पर कोच गौतम गंभीर से जोड़ दिया.
मैं भी इंसान हूं, मुझसे भी गलतियां हो सकती हैं
एक इंटरव्यू में गौतम गंभीर से यह सवाल पूछा गया कि मीडिया में उनके और रोहित-विराट के रिश्तों को लेकर जो बातें चल रही थीं, तब वह इस स्थिति को कैसे संभाल रहे थे, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर निशाना साधने के बजाय शांत और संतुलित जवाब दिया. गंभीर ने स्वीकार किया कि पिछले डेढ़ साल के दौरान उनसे भी कुछ गलतियां हुई होंगी. उनका कहना था कि इंसान होने के नाते गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन सबसे अहम बात नीयत होती है. गंभीर ने कहा, मैं भी एक इंसान हूं और पिछले 18 महीनों में मुझसे भी कई गलतियां हुई होंगी. अगर सही नीयत के साथ कोई गलत फैसला होता है तो वह स्वीकार्य है, लेकिन गलत नीयत के साथ लिया गया फैसला कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता.
खिलाड़ियों के साथ ईमानदारी सबसे जरूरी
गंभीर ने यह भी साफ किया कि उनके लिए ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के साथ ईमानदारी सबसे अहम है. उनका मानना है कि अगर कोच खिलाड़ियों के साथ साफ और ईमानदार रहता है, तो वह बिना किसी झिझक के उनसे बात कर सकता है.उन्होंने कहा, जब तक मैं ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के साथ ईमानदार रहूंगा, तब तक मैं उनकी आंखों में आंखें डालकर बात कर पाऊंगा. गंभीर के मुताबिक कोच की भूमिका सिर्फ रणनीति बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि खिलाड़ियों के साथ भरोसे का रिश्ता बनाना भी उतना ही जरूरी होता है.
कोच के तौर पर अच्छा काम कर रहा हूं
इन सभी चर्चाओं के बीच गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि वह टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में अच्छा काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक टीम के भीतर जो फैसले लिए जाते हैं, उनका मकसद हमेशा टीम को बेहतर बनाना होता है. हालांकि रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ उनके रिश्तों को लेकर चर्चाएं अभी भी समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन गंभीर का कहना है कि ड्रेसिंग रूम की असली सच्चाई वही जानते हैं जो टीम के अंदर मौजूद हैं. ऐसे में साफ है कि भारतीय क्रिकेट टीम के इस बदलाव भरे दौर में कोच गौतम गंभीर अपनी कार्यशैली और ईमानदार संवाद के जरिए टीम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.