सरकार को बदनाम कर रहे साइकिल, हाथी और पंजा की मानसिकता वाले अधिकारी, ‘पंडित’ अवसरवादी विकल्प पर बोले कैबिनेट मंत्री संजय निषाद

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UP Politics: गोरखपुर में मीडिया से बात करते हुए यूपी कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने दरोगा भर्ती परीक्षा के विवाद विकल्प पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि साइकिल, हाथी और पंजे की मानसिकता वाले अफसर सरकार को बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे अफसरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

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सरकार को बदनाम कर रहे साइकिल, हाथी की मानसिकता वाले अधिकारी: संजय निषाद Zoom

मंत्री संजय निषाद ने यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा के विवादित विकल्प पर दी प्रतिक्रिया

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गोरखपुर में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा में सामान्य हिंदी विषय के एक विवादित प्रश्न पर सवाल किए जाने पर मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और ब्यूरोक्रेसी पर गंभीर आरोप लगाए. डॉ. संजय निषाद ने कहा कि परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को अपमानजनक संदर्भ में विकल्प के रूप में रखना पूरी तरह गलत और आपत्तिजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में काम कर रहे ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी अंदर से ‘हाथी, साइकिल और पंजा’ की विचारधारा वाले हैं, लेकिन ऊपर से ‘कमल’ ओढ़कर नौकरी कर रहे हैं. ऐसे लोग जानबूझकर ऐसे प्रश्न तैयार करते हैं जिससे समाज में विध्वंसकता और तनाव पैदा होता है.

मंत्री ने आगे कहा, “मैं प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी से अपील करता हूं कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को फिल्टर किया जाए जो ऐसी सोच रखते हैं और सामाजिक विध्वंस फैलाते हैं. चाहे यूजीसी का मामला हो या इस परीक्षा का प्रश्न, किसी भी जाति के सम्मान को ठेस पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. सभी जातियों का गौरवशाली इतिहास रहा है और सभी को सम्मानपूर्वक जीने और अपने हक हासिल करने का पूरा अधिकार है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”

पार्टी के स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम

डॉ. संजय निषाद ने निषाद पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर भी विस्तार से जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि 22 मार्च को गोरखपुर में पूरे प्रदेश से पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में शामिल होंगे. यह आयोजन पार्टी की मजबूती और निषाद समाज की एकजुटता को प्रदर्शित करने वाला होगा.

क्या है विवाद

गौरतलब है कि यह विवाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित एसआई परीक्षा के एक प्रश्न से जुड़ा है, जिसमें ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ वाक्यांश के लिए विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने पर ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न वर्गों में नाराजगी व्यक्त की जा रही है. मंत्री की टिप्पणी ने इस मुद्दे को और राजनीतिक रंग दे दिया है.

About the Author

Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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