राहुल गांधी PM मोदी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे- अमित शाह
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अमित शाह ने इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 में राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए युवा कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट की निंदा की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पीएम मोदी और भाजपा का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगे हैं.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि राहुल गांधी अब देश का विरोध करने लगे हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने दिल्ली में हाल ही में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रोटेस्ट को गंदी राजनीति बताते हुए कड़ी निंदा की. साथ ही, संसद के प्रवेश द्वार पर राहुल गांधी के चाय-पकौड़े खाने वाले धरने को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करार दिया. शाह ने कहा कि राहुल गांधी मोदी और बीजेपी का विरोध करते-करते अब देश का भी विरोध करने लगे हैं. यह हमला ऐसे समय में आया है जब AI समिट को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित यह समिट दुनिया का सबसे बड़ा AI इवेंट था. समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और 40 से ज्यादा ग्लोबल टेक CEOs शामिल हुए.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन समेत ब्राजील के लीडर लूला जैसे प्रमुख मेहमानों ने हिस्सा लिया. मैक्रॉन ने इसे ‘विश्व स्तर पर सबसे प्रभावी AI समिट’ बताते हुए भारत की भूमिका की तारीफ की. समिट में AI गवर्नेंस, सहयोग और ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस पर चर्चा हुई, जिसमें दर्जनों समझौते पर साइन हुए. लेकिन समिट के आखिरी दिन 20 फरवरी को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा मचा दिया. वे शर्टलेस होकर प्रदर्शन करने लगे, जिसमें मोदी सरकार और इंडिया-US ट्रेड डील के खिलाफ स्लोगन वाली टी-शर्ट्स दिखाई गईं.
देश का विरोध कर रहे राहुल गांधी
इस मामले में पुलिस ने 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया और दिल्ली कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा. बीजेपी ने इसे नंगेपन की राजनीति बताया और कहा कि कांग्रेस ने वैश्विक मंच पर भारत को बदनाम करने की कोशिश की. पीएम मोदी ने भी मेरठ की रैली में इसे गंदी राजनीति कहा.
राहुल गांधी ने इस प्रोटेस्ट का बचाव किया. उन्होंने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को बब्बर शेर बताते हुए कहा कि यह देशभक्ति है, अपराध नहीं. राहुल ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि AI समिट एक पीआर स्पेक्टकल है, जो असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रहा है. लेकिन शाह ने इसे राहुल के इशारे पर हुई घटना बताया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मालूम नहीं कि ब्रेकफास्ट की जगह क्या है. संसद हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है, वहां धरना देना भी डेमोक्रेटिक नहीं, लेकिन चाय-पकौड़े खाना तो हद है.
यह जिक्र संसद के मकर द्वार पर राहुल के हालिया धरने का है, जहां उन्होंने LPG की कमी पर विपक्षी सांसदों के साथ चाय पीते हुए प्रदर्शन किया. शाह ने कहा कि राहुल की अनुपस्थिति और विदेश यात्राएं संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं. शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष के इशारे पर ऐसी घटनाएं करवा रही है. मैं दोनों घटनाओं की घोर निंदा करता हूं. देश का कोई युवा ऐसे एक्टिविज्म का समर्थन नहीं करेगा.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें