‘जाति-धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी से बचें’, CM योगी की सभी भर्ती बोर्डों को सख्त हिदायत
UPSI Exam Pandit Controversy in UP Live News: उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. इस बार मामला पेपर लीक का नहीं बल्कि परीक्षा में पूछे गए एक सवाल और उसके विकल्प को लेकर है. इससे सूबे की सियासत गरमा गई है. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से लेकर भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र और तमाम लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है. इस विवाद से जुड़े सारे अपडेट्स जानने के लिए जुड़े रहिए न्यूज 18 की इस लाइव कॉपी से…
यह केवल एक शब्द का मामला नहीं
यूपी दरोगा परीक्षा पेपर में पंडित नाम अंकित करने पर यूपी की राजनीति गरमा गई है. कई ब्राह्मण नेताओं ने एतराज जताया है. पंडित सुनील भराला बोले दुर्भावनापूर्ण है. पंडित शब्द भारतीय परंपरा में ज्ञान, विद्वता और सम्मान का प्रतीक माना जाता है. ऐसे सम्मानजनक शब्द को किसी नकारात्मक या अपमानजनक संदर्भ में प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न या विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना अत्यंत आपत्तिजनक है. यह केवल एक शब्द का मामला नहीं, बल्कि समाज के एक सम्मानित वर्ग की गरिमा से जुड़ा विषय है. इस प्रकार की लापरवाही या दुर्भावनापूर्ण कृत्य को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. मांग है कि इस पूरे प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा में ऐसी असंवेदनशीलता दोहराई न जाए.
सदर BJP विधायक डॉ.शलभ मणि त्रिपाठी ने जताई नाराज़गी
सदर BJP विधायक डॉ.शलभ मणि त्रिपाठी ने नाराज़गी जताई. उन्होंने प्रश्नपत्र बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. कहा कि घटना से समाज का एक बड़ा वर्ग हुआ है आहत. समाज का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सरकार सख्त रहेगी.
पंडित शब्द विद्वान, ज्ञानी एवं धार्मिक सम्मान का प्रतीक
बीजेपी एमएलए शशांक त्रिवेदी ने सीएम को दारोगा भर्ती परीक्षा में अवसर के अनुसार बदल जाने वाले सवाल को लेकर पत्र लिखा. उच्चस्तरीय जांच कराकर कि कार्रवाई की मांग की. पंडित शब्द विद्वान, ज्ञानी एवं धार्मिक सम्मान का प्रतीक है.
मानवाधिकार आयोग पहुंचा ‘पंडित’ मामला
प्रश्न में विकल्प के रूप में ‘पंडित’ को लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव ने शिकायत में कहा है कि एक प्रश्न में अवसर के अनुसार अपना व्यवहार बदलने वाले व्यक्ति से संबंधित प्रश्न में विकल्प के रूप में पंडित शब्द का प्रयोग किया गया. उनके मुताबिक इस प्रकार का प्रयोग नकारात्मक संदर्भ में किया गया प्रतीत होता है. इससे ब्राह्मण/पंडित समुदाय की सामाजिक प्रतिष्ठा एवं गरिमा को ठेस पहुंचती है. अधिवक्ता ने कहा कि सरकारी भर्ती परीक्षा जैसे गंभीर मंच पर किसी जाति या समुदाय से जुड़े शब्द का इस प्रकार प्रयोग किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक है. यह भारतीय संविधान में निहित समानता तथा गरिमा के सिद्धांतों की भावना के विपरीत प्रतीत होता है. शिकायत में अधिवक्ता ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से मांग की है कि परीक्षा में पूछे गए विवादित प्रश्न की निष्पक्ष जांच कराई जाए. प्रश्नपत्र निर्माण से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए जाएं. अधिवक्ता ने कहा कि किसी भी समुदाय की गरिमा और सामाजिक सम्मान की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है. इस प्रकार की घटनाओं पर उचित कार्रवाई होना आवश्यक है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन को दिया निर्देश-
- किसी भी व्यक्ति/ जाति/ पंथ/ सम्प्रदाय की मर्यादा एवं आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी ना करें.
- इसका संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को भी निर्देशित किया जाए.
- हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए.
- यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनायें.
आज दूसरा दिन परीक्षा का
यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा का दूसरा दिन आज है. आज भी दो पालियों सुबह 10 से 12 और दोपहर 3 से 5 बजे भर्ती की लिखित परीक्षा होगी. कल पहले दिन करीब 32 फीसदी से ज्यादा अभ्यर्थियों ने छोड़ी भर्ती की परीक्षा. सुरक्षा के सख्त इंतजाम और एसटीएफ की निगरानी में होगी भर्ती परीक्षा. कल एसटीएफ ने टेलीग्राम ग्रुप में पेपर लीक के मामले में चार आरोपियों को किया था गिरफ्तार.
यह है मामला
दरअसल, 14 मार्च, 2026 को SI परीक्षा में सवाल पूछा गया था कि अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के लिए एक शब्द में उत्तर दें. इसके उत्तर के लिए चार ऑप्शन दिए गए थे, जिसमें पहला पंडित, दूसरा अवसरवादी, तीसरा निष्कपट और चौथा सदाचारी था. ऑप्शन में पंडित होने को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है. जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है.
SI भर्ती परीक्षा के प्रश्न पर विवाद, भर्ती बोर्ड ने दिए जांच के आदेश
लखनऊ में यूपी भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया. 14 मार्च की प्रथम पाली में पूछे गए प्रश्न संख्या 20 में ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था, जिसके विकल्पों में निष्कपट, सदाचारी, अवसरवादी और ‘पंडित’ शामिल था. इस विकल्प को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई गई. मामले में भर्ती बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने बयान जारी कर जांच के आदेश दिए हैं. जांच के बाद दोष तय कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ये कतई बर्दाश्त नहीं: डिप्टी सीएम
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा, यदि किसी भी प्रश्न या विकल्प से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है, तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों या संदर्भों को किसी भी परीक्षा में जगह नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है और प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
विकल्प पर जताई गई आपत्ति
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि अन्य विकल्प किसी गुण या स्वभाव को दर्शाते हैं, जबकि पंडित शब्द किसी विशेष जाति या वर्ग के लोगों के लिए भी इस्तेमाल होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का विकल्प देना समाज में ब्राह्मणों के प्रति विद्वेष फैलाने जैसा है. उनका कहना है कि ब्राह्मण समाज को जातीय मानसिकता के आधार पर टारगेट करना बेहद आपत्तिजनक है.
सीएम योगी से शिकायत
दरोगा भर्ती से जुड़े सवाल को लेकर भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने पत्र लिखकर सीएम योगी से शिकायत की. उन्होंने कहा कि ये विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है. वहीं, दरोगा भर्ती को लेकर एक फेक पेपर भी वायरल हुआ था, जिसे लेकर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में 13 और 14 मार्च को कुल 7 FIR दर्ज की गई हैं.