15 मार्च को सूर्य पूजन से मिथुन राशि के लिए यश| Gemini horoscope 2026
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Aaj Ka Mithun Rashifal 15 March:ज्योतिशाचार्य कुकरेती ने विशेष रूप से मिथुन राशि के जातकों के लिए परामर्श बताया है. उन्होंने बताया कि मिथुन जातक आज सूर्य देवता के निमित्त विशेष पूजन करें. इस पूजन के दौरान भगवान सूर्य नारायण से अपने जीवन में निरंतर उन्नति और तेज प्राप्ति की कामना करनी चाहिए.
Aaj Ka Gemini Horoscope 15 मार्च 2026 ( मिथुन राशिफल): आज 15 मार्च यानी रविवार का दिन विशेष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखता है, देहरादून में ज्योतिषाचार्य योगेश कुकरेती के अनुसार, संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना का अत्यधिक महत्व होता है. सूर्य देव को ऊर्जा और आत्मा का कारक माना जाता है, इसलिए इस दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठान जातक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होते हैं. ज्योतिषाचार्य योगेश कुकरेती ने विशेष रूप से मिथुन राशि के जातकों के लिए परामर्श जारी किया है. उन्होंने बताया कि मिथुन राशि के जातक आज सूर्य देवता के निमित्त विशेष पूजन करें. इस पूजन के दौरान भगवान सूर्य नारायण से अपने जीवन में निरंतर उन्नति और तेज प्राप्ति की कामना करनी चाहिए. सूर्य की विधिवत आराधना करने से व्यक्ति के यश और कीर्ति में वृद्धि होती है. यह मान्यता भी प्रचलित है कि संक्रांति पर सूर्य की पूजा करने से जीवन में न केवल बाहरी बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि ज्ञान और चेतना का प्रकाश भी फैलता है.
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
ज्योतिषाचार्य कुकरेती ने बताया कि संक्रांति का दिन शारीरिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत शुभ है. श्रद्धालुओं को सूर्य देव से प्रार्थना करनी चाहिए कि उनके चक्षुविकार (आंखों की समस्या) और अन्य सभी शारीरिक कष्ट दूर हों. सूर्य की किरणें आरोग्यता प्रदान करने वाली मानी जाती हैं. इस दिन सूर्य को जल अर्पित करना और उनके मंत्रों का जाप करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और रोगों से रक्षा होती है.
मन की शुद्धि और मानसिक उन्नति
ज्योतिषाचार्य ने मन की शुद्धि पर विशेष जोर दिया है, उन्होंने कहा कि भक्तों को भगवान सूर्य से यह विशेष प्रार्थना करनी चाहिए कि उनके मन के भीतर जो भी कलुषित भाव या नकारात्मकता है, उसे सूर्य देव अपनी दिव्य शक्ति से समाप्त कर दें. मन की निर्मलता और ईश्वरीय कृपा से ही मनुष्य श्रेष्ठ जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है. सूर्य देव के समान तेजस्वी बनने का संकल्प लेने से हमारे भीतर वह योग्यता विकसित होती है जिससे हम अज्ञानता के अंधकार को मिटा सकते हैं. जब हम भगवान भास्कर की शरण में होते हैं, तो न केवल बाहरी बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि जीवन में ज्ञान और विवेक का प्रकाश भी फैलता है.
संकल्प और आध्यात्मिक संदेश
संक्रांति का यह पावन दिन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव, आध्यात्मिक उन्नति, और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से सूर्य देव की आराधना करें. यह दिन न केवल हमारी आत्मिक ऊर्जा को जागृत करता है, बल्कि हमारे जीवन को सफलता और सम्मान की ओर भी अग्रसर करता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें