Agri Tips : सरसों की कटाई के बाद खाली न छोड़ें खेत, 60 दिन में हो जाओगे मालामाल, जानें तरीका
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Moong Cultivation Time : अक्सर किसान सरसों की कटाई के बाद करीब 2 महीने के लिए खेत खाली छोड़ देते हैं. ऐसे किसान मार्च के महीने में मूंग और उरद की बुवाई कर सकते हैं. 60 दिन बाद फसल तैयार हो जाती है. लोकल 18 से खीरी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप बिसेन बताते हैं कि 1 एकड़ में चार से पांच कुंटल पैदावार आसानी से हो जाती है. उरद की उन्नत किस्मों के बारे में बात की जाए तो शेखर 2 और प्रताप उरद बेस्ट हैं.
लखीमपुर खीरी. यूपी के कई हिस्सों में इस समय सरसों की कटाई शुरू हो चुकी है. सरसों की कटाई के बाद 60 से 70 दिन के लिए किसान अपने खेत को खाली छोड़ देते हैं. आज हम ऐसी फसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आप इस दौरान कम दिन में तैयार कर लाखों रुपये आसानी से कमा सकते हैं. इसमें लागत भी काफी कम है. मार्च के महीने में किसान मूंग की बुवाई कर सकते हैं. बुवाई के 60 से 70 दिन के बाद फसल तैयार हो जाती है. इसके बाद आप आसानी से बरसात के मौसम में अपने खेतों में धान की रोपाई कर सकते हैं.
बाजार में मूंग दाल की डिमांड खूब रहती है. इसकी दाल स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है. कटाई के बाद मूंग के डंठल को खेतों में छोड़ कर अगर जुताई कर दी जाए, तो जैविक खाद तैयार हो जाती है, जो अगली फसल के लिए काफी अच्छा काम कर सकती है. 1 एकड़ में चार से पांच कुंटल मूंग का उत्पादन आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.
लोकल 18 से खीरी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप बिसेन बताते हैं कि किसान भाई सरसों की कटाई के बाद अपने खेतों में उरद भी लगा सकते हैं. उरद की फसल भी 60 से 70 दिन में तैयार हो जाती है. इसके बाद आप खेतों में धान की रोपाई कर सकते हैं. उरद की उन्नत किस्म के बारे में बात की जाए तो शेखर 2 और प्रताप उरद बेस्ट हैं. अगर उत्पादन की बात की जाए तो 1 एकड़ में 4 से 6 कुंतल के बीच पैदावार आसानी से हो जाती है.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप के मुताबिक, कृषि विभाग की ओर से किसानों को निशुल्क में मूंग और उरद के बीज उपलब्ध कराएं जा रहे हैं ताकि किसानों को महंगे बीज की खरीदारी न करनी पड़े. इससे कम लागत में मूंग और उरद की खेती से अच्छा पैसा कमाया जा सकता है.
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