chaitra navratri 2026 special story of maa shakti peeth sharda mandir maihar | यहां इंसान नहीं दिव्य शक्ति करती है मां शारदा का शृंगार, सदियों से जल र

Share to your loved once


होमफोटोधर्म

यहां इंसान नहीं दिव्य शक्ति करती है मां शारदा का शृंगार, सदियों से जल रहा दीपक

Last Updated:

Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च दिन गुरुवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. चैत्र नवरात्रि के मौके पर हम आपको ऐसे शक्तिपीठ के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां माता का शृंगार कोई इंसान नहीं बल्कि एक दिव्य शक्ति करती है. साथ ही मंदिर में हजारों सालों से एक दीपक जल रहा है, जो आज तक नहीं बुझा. आइए जानते हैं माता के इस शक्तिपीठ के बारे में…

Chaitra Navratri 2026: अब से कुछ दिनों बाद यानी 19 मार्च दिन दिन गुरुवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. चैत्र नवरात्रि के दौरान, भक्तगण मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते है और इन नौ दिनों में हर दिन देवी के एक अलग रूप की आराधना की जाती है. चैत्र माह की शुरुआत के साथ ही देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की धरती पर ऐसा शक्तिशाली मंदिर स्थापित है, जहां दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. चैत्र माह में लाखों की संख्या में भक्त कठिन चढ़ाई चढ़कर मां के दर्शन के लिए मंदिर तक पहुंचते हैं. हम बात कर रहे हैं मैहर के मां शारदा के चमत्कारी मंदिर की.

108 शक्तिपीठों में शामिल है मां शारदा- मध्य प्रदेश के सतना जिले में त्रिकूट पर्वत पर स्थित मैहर वाली मां शारदा 108 शक्तिपीठों में शामिल है, जहां चैत्र नवरात्रि पर भक्तों का सैलाब मां का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचता है. मां का मंदिर अपने रहस्यमयी शृंगार के लिए प्रसिद्ध है; माना जाता है कि रात के वक्त मां का शृंगार दिव्य शक्तियों के जरिए किया जाता है. रहस्यमयी शृंगार को उनके परम भक्त वीर आल्हा से जोड़कर देखा जाता है.

इनको है माता के शृंगार का अधिकार – पौराणिक कथा के अनुसार मां के परम भक्त वीर आल्हा ने त्रिकूट पर्वत पर बैठकर 12 साल तक लगातार तपस्या की थी, और मां ने उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे. मां ने वीर आल्हा को वरदान दिया था कि सबसे पहले पूजा और शृंगार का अधिकार उनका होगा. इसी कारण है कि सुबह मंदिर के कपाट खोलने पर मंदिर के पुजारियों को मां के गर्भगृह में ताजे फूल मिलते हैं. माना जाता है कि परम भक्त वीर आल्हा मां की पहली पूजा करते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

सदियों से लगातार जल रहा है चमत्कारी दीपक – मंदिर की एक और खास बात है जिससे भक्तों का माई शारदा पर और मंदिर दोनों पर अटूट विश्वास है. मंदिर में एक चमत्कारी दीपक मौजूद है, जो सदियों से लगातार जल रहा है. मान्यता है कि खुद आल्हा मां की आराधना के लिए मंदिर में दीप जलाकर जाते हैं. इन्हीं सब कारणों से भक्तों की आस्था अटूट है. भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए 1 हजार से अधिक सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक पहुंचते हैं. कहते हैं कि जो भी 1 हजार सीढ़ियों को पार कर मां शारदा का पूरे मन से ध्यान करता है, मैहर वाली माई उनकी सारी मनोकामना को पूरा करती है.

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू – चैत्र नवरात्र में मैहर में भव्य मेले का आयोजन होता है. इस बार मेला का आयोजन 19 मार्च से शुरू होगा और 27 मार्च तक चलेगा. इस मौके पर मंदिर में भारी मात्रा में पुलिस बन की तैनाती की जाती है और भक्तों के लिए विशेष इंतजाम भी किए जाते हैं. चैत्र नवरात्रि, जिसे वसंत नवरात्रि भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है. चैत्र नवरात्रि का महत्व इस बात में भी है कि यह नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र मास से नया साल शुरू होता है. इस अवसर पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और नए वस्त्र धारण करते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP