ये हैं सुल्तानपुर के वो 5 धार्मिक स्थल, जहां भारी संख्या में उमड़ती है भक्तों की भीड़, अनोखी मान्यता
Last Updated:
Sultanpur Famous Religious Place: यूपी के सुल्तानपुर में ऐसे कई स्थान हैं, जिनकी अनोखी मान्यता है और यहां भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है. आज आपको जिले के 5 प्रमुख धार्मिक स्थलों के बारे में बताते हैं, जहां लोग पूजा-पाठ करने आते हैं.
पंचमुखी हनुमान मंदिर<br />सुल्तानपुर शहर के डाक खाना चौराहे पर इस स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के अंदर पांच मुख वाले हनुमान जी विराजमान है, जहां लोग सुबह शाम-दर्शन के लिए आते हैं. मंगलवार और शनिवार को यहां भव्य भीड़ भी देखने को मिलती है. मंदिर के बाहर फूल, माला और प्रसाद की कई दुकानें हैं, जो श्रद्धालुओं की सेवा में कार्य कर रही हैं.
सुल्तानपुर में स्थित सीताकुंड घाट जिले के गोमती नदी के दक्षिणी किनारे पर मौजूद है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. साथ ही जिले के पर्यटक स्थलों की सूची में भी उच्च स्थान पर आसीन है. वहीं यहां मौजूद मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और शाम के समय इस मंदिर से देखने पर गोमती नदी का दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है. प्रत्येक रविवार के दिन शाम को यहां आदि गंगा गोमती की आरती होती है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है.
जिले में स्थित विजेथुआ महावीरन धाम सूरापुर-सुलतानपुर में एक बहुत प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर है. यहां पर मंगलवार और शनिवार को बहुत से लोग पूजा अर्चना के लिए आते हैं. इस स्थान की रामायण में अपनी एक अलग कथा है. इस जगह पर भगवान हनुमान जब लक्ष्मण के लिए संजीवनी लाने जा रहे थे, तो उन्होंने दैत्य कालनेमि को मारा और विश्राम किया था. यहां स्थित मकर कुंड में भगवान हनुमान ने स्नान भी किया, जो बिजेथुआ मंदिर के किनारे स्थित है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर शहर में गोमती नदी के किनारे पारिजात का एक वृक्ष मौजूद है, जो अत्यंत प्राचीन है. इसे सुल्तानपुर के पर्यटक स्थलों की सूची में प्रथम दस स्थान में शामिल किया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति इस पारिजात वृक्ष के पास अपनी मन्नत मांगता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, अगर हम इस वृक्ष के ऐतिहासिक दृष्टिकोण की बात करें, तो यह वृक्ष लगभग 5000 साल पुराना बताया जाता है. यहां पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
सुल्तानपुर का बाबा महेश नाथ मंदिर भगवान शिव का एक प्राचीन और दिव्य मंदिर है, जो ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताओं के लिए काफी प्रसिद्ध है. इस मंदिर के पुजारी रविंद्र उपाध्याय लोकल 18 से बताते हैं कि देवरहर गांव में स्थित बाबा महेशनाथ धाम को लेकर मान्यता है कि यह स्थान महाभारत काल में भुरुचों के कबीले का निवास स्थान था. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और धार्मिक मान्यताओं के चलते यह मंदिर सुल्तानपुर के प्रमुख शिव धामों में गिना जाता है.