हरियाणा के पेहवा में लगेगा चैत्र चौदस का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज ने कुछ इस तरह की तैयारियां
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित पेहवा (पृथुदक) में लगने वाला चैत्र चौदस मेला एक प्राचीन धार्मिक मेला है, जो मुख्य रूप से चैत्र मास की कृष्ण चतुर्दशी को सरस्वती तीर्थ पर लगता है. यह मेला पूर्वजों के पिंडदान, श्राद्ध और सरस्वती नदी में पवित्र स्नान के लिए विख्यात है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं. दरअसल, सरस्वती तीर्थ के पावन तट पर आयोजित होने वाला यह मेला न केवल हरियाणा बल्कि पंजाब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष महत्व रखता है.
क्या है मेले की मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के पश्चात भगवान श्री कृष्ण ने यहीं वीरों का पिंडदान किया था. यही कारण है कि चैत्र चौदस पर देशभर से श्रद्धालु सरस्वती कुंड में आस्था की डुबकी लगाने और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने के लिए पहुंचते हैं.
परिवहन विभाग ने की तैयारियां
बता दें कि कुरुक्षेत्रा जिले के पिहोवा में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध चार दिवसीय (बैसाखी मेले ) चैत्र चौदस मेला को लेकर परिवहन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है. 16 से 19 मार्च तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अंबाला रोड़वेज डिपो ने सभी तरह तैयारी पूरी की है. इस बार मेले में यात्रियों को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए रोडवेज की ओर से लगभग 100 के करीब बसें लगाई जा रहीं है ओर यह बसें अंबाला सिटी बस अड्डे से संचालन करेंगी ओर पिहोवा पहुंचेंगी.
वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला डिपो के महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा ने बताया कि हर साल की तरह चैत्र चौदस मेला 16 मार्च से लेकर 19 मार्च के बीच शुरू हो रहा है और ऐसे में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए अंबाला रोडवेज ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है. उन्होंने कहा कि इस दौरान 16 मार्च से ही स्पेशल बसें अंबाला से पेहवा के लिए चलना शुरू हो जाएगी.
सभी रोडवेज कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द
इसके लिए सभी रोडवेज कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई है. उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा भीड़ 18 व 19 मार्च की श्रद्धालुओं की रहने वाली है. ऐसे में दोनों ही दिन 70 के करीब स्पेशल बसें चलाई जाएगी, जोकि अंबाला शहर बस स्टैंड से थोड़ी थोड़ी देर बाद चलती रहेगी. उन्होंने कहा कि इस दौरान अंबाला से बस का ठहराव बीच में जनसुई हेड बस स्टैंड रखा गया है, क्योंकि वहां पर चेक पोस्ट रहेगी और यात्रियों को सफर के दौरान बीच में ठहराव भी मिल जाएगा.
उन्होंने बताया कि यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों का परिचालन किया जा रहा है. ऐसे में जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी, बसों की संख्या में उसी अनुपात में वृद्धि की जाएगी. उन्होंने कहा कि बसों में पानी की व्यवस्था रहेगी, ताकि यात्रियों को इस दौरान पानी मिल सके और साथ में यात्रियों को कोई परेशानी ना हो. इसके लिए भी स्पेशल काउंटर अंबाला शहर बस स्टैंड पर इस मेले को लेकर बनाया जाएगा.
यात्रियों के लिए होंगी कई सुविधाएं
वहीं मिली जानकारी के अनुसार 18 व 19 मार्च को पंजाब और हिमाचल समेत कई राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं पेहवा जाने के लिए अंबाला डिपो पहुंचेंगे, ऐसे में सुबह 9 बजे से लेकर इस रूट पर लगातार बेस शाम तक चलती रहेगी. इसी तरह पेहवा से अंबाला के लिए भी बसें उपलब्ध रहेंगी, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो. वहीं अंबाला शहर बस स्टैंड से पेहवा के बीच जनसुई हेड बस स्टैंड पर ठहराव रहेगा, और वहां से भी यात्री इन बसों से पेहवा के लिए सफर कर सकते है. अंबाला शहर बस स्टैंड पर स्पेशल काउंटर बनाए जाएंगे, जहां यात्रियों को मेले ओर बसों के बारे में सभी तरह की जानकारी मिल पाएगी.