बीज उपचार से लेकर खेत की तैयारी तक, जानिए गन्ने की खेती के जरूरी नियम

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गोंडा: गन्ना किसानों के लिए एक प्रमुख नकदी फसल है. सही तरीके से गन्ने की बुवाई करने पर किसान अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने की बुवाई करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. अगर किसान इन बातों का पालन करें, तो फसल अच्छी होती है और उत्पादन भी बढ़ता है.

अच्छी किस्म के बीज का चयन करना जरूरी

लोकल 18 से बातचीत के दौरान केवीके गोपाल ग्राम के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि सबसे पहले किसानों को अच्छी किस्म के बीज का चयन करना चाहिए. बीज हमेशा स्वस्थ और रोगमुक्त गन्ने से ही लेना चाहिए. कमजोर या बीमार गन्ने से बीज लेने पर फसल पर भी उसका असर पड़ता है और उत्पादन कम हो सकता है. इसलिए खेत में बुवाई के लिए ताजा और अच्छी गुणवत्ता वाला गन्ना ही चुनना चाहिए.

डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि किसान भाइयों को सबसे पहले ध्यान देने वाली बात यह है कि गन्ने की बुवाई के सबसे पहले और सबसे बड़ी भूमिका गन्ने के बीच की होती है. किसान भाइयों को सबसे पहले गाने की अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का चयन करना चाहिए.

बीज शोधित करना है बहुत जरूरी

डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि गन्ने के बीच की कटाई करें उसके बाद उसको शोधित करने के लिए बुवाई से पहले बीज को कार्बेंडाजिम से शोधित करें और संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें. 2-3 आंख वाले बीज का उपयोग करें और सही नमी बनाए रखें.

अच्छे तरीके से तैयार करें खेत

डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि खेत की अच्छी तैयारी भी बहुत जरूरी होती है. गन्ने की बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए, ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए और पौधों की जड़ें अच्छी तरह फैल सकें. इसके बाद खेत को समतल कर लेना चाहिए. इससे पानी का सही तरीके से उपयोग हो पाता है और फसल की बढ़वार अच्छी होती है.

डॉ . चांदमणि त्रिपाठी बताते हैं कि गन्ने की कतार से कतार की दूरी सही रखना जरूरी है. आमतौर पर कतारों के बीच लगभग 75 से 90 सेंटीमीटर की दूरी रखी जाती है. इससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और वे अच्छी तरह बढ़ते हैं. साथ ही खेत में सिंचाई और निराई-गुड़ाई करने में भी आसानी होती है.

सही मात्रा में डालें उर्वरक

डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि गन्ने की बुवाई करते समय खाद और उर्वरकों का सही मात्रा में प्रयोग करना भी जरूरी है. खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद या कम्पोस्ट डालने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है. इसके अलावा जरूरत के अनुसार रासायनिक खाद का भी उपयोग किया जा सकता है. इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और फसल मजबूत होती है.

डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि यह बताए हुए विधि से आप गन्ने की बुवाई करते हैं, तो प्रारंभिक समय में जो बीमारियां गन्ने में लगती हैं उनको लगने की संभावना कम हो जाती है और यह बीमारियां नहीं लगेंगे तो आपका उत्पादन भी बढ़ जाएगा. इसीलिए, गन्ने की बुवाई करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें. उन्होंने बताया कि इस समय गाने की बुवाई का सीजन चल रहा है.

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