मेवाड़ राजघराने की शाही अंगूर मखाने की सब्जी
Last Updated:
Mewar Royal Angoor Makhana Sabzi Recipe: मेवाड़ राजघराने की प्रसिद्ध ‘अंगूर-मखाने की सब्जी’ का इतिहास महाराणा भीम सिंह के काल से जुड़ा है. फारसी व्यापारी द्वारा लाए गए उपहारों से शुरू हुई यह डिश आज भी मेवाड़ की शादियों और बड़े आयोजनों की शान है. दही की ग्रेवी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार यह शाही सब्जी अब उदयपुर के फाइव स्टार होटलों की पहचान बन चुकी है.
Mewar Royal Angoor Makhana Sabzi Recipe: राजस्थान का मेवाड़ राजघराना अपनी वीरता के साथ-साथ अपने शाही खानपान के लिए भी विख्यात है. यहाँ की पाक कला में ‘अंगूर-मखाने की सब्जी’ का एक विशेष स्थान है. जिसे आज भी राजसी विरासत का अटूट हिस्सा माना जाता है. इतिहासकारों के अनुसार इस डिश की शुरुआत महाराणा भीम सिंह के शासनकाल में हुई थी. बताया जाता है कि एक फारसी व्यापारी महाराणा के लिए भेंट स्वरूप अंगूर और मखाने लेकर आया था. इन नई सामग्रियों को देखकर महाराणा ने अपने रसोइयों को कुछ अलग बनाने का आदेश दिया. जिसके बाद रसोइयों ने अपनी सूझबूझ से यह शाही सब्जी तैयार की. जो स्वाद में इतनी लाजवाब निकली कि यह राजमहल की सिग्नेचर डिश बन गई.
अंगूर-मखाने की इस शाही सब्जी को तैयार करने की विधि भी उतनी ही राजसी है जितना इसका नाम. इसे बनाने के लिए सबसे पहले मखानों को शुद्ध देसी घी में सुनहरा होने तक भुना जाता है. जिससे उनमें एक खास सोंधी महक आ जाती है. इसके बाद दही में हल्दी. लाल मिर्च. धनिया और नमक का एक संतुलित मिश्रण तैयार किया जाता है. कढ़ाई में घी गर्म कर राई-जीरे का तड़का लगाने के बाद प्याज और अदरक-लहसुन के पेस्ट को धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है. जब तक कि वह अपना रंग न बदल दे. यही वो प्रक्रिया है जो ग्रेवी को असल शाही बनावट और स्वाद देती है.
ड्राई फ्रूट्स और ताजे अंगूरों का संगम
जब मसाला अच्छी तरह भुन जाता है और घी छोड़ने लगता है. तब इसमें काजू और बादाम जैसे सूखे मेवे डाले जाते हैं. जो ग्रेवी को गाढ़ा और रिच बनाते हैं. अंत में भुने हुए मखाने और ताजे हरे अंगूर मिलाए जाते हैं. अंगूरों को केवल दो मिनट तक ही पकाया जाता है. ताकि उनका प्राकृतिक रस और हल्का खट्टापन बरकरार रहे. अंत में कसूरी मेथी और हरे धनिये से गार्निश कर इसे परोसा जाता है. यह सब्जी न केवल स्वाद में अनोखी है. बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाले मखाने और ड्राई फ्रूट्स इसे सेहत के लिहाज से भी अत्यंत पौष्टिक बनाते हैं.
राजमहलों से फाइव स्टार होटलों तक का सफर
आज भी मेवाड़ राजपरिवार में होने वाली शादियों और बड़े उत्सवों में अंगूर-मखाने की सब्जी को विशेष सम्मान के साथ परोसा जाता है. मेवाड़ की इस समृद्ध पाक परंपरा ने अब पर्यटन जगत में भी अपनी धाक जमा ली है. उदयपुर के लगभग सभी प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटलों और प्रीमियम रेस्टोरेंट्स के मेन्यू में यह डिश मुख्य आकर्षण के रूप में शामिल है. जो सैलानी मेवाड़ की संस्कृति को करीब से जानना चाहते हैं. वे इस शाही जायके का लुत्फ उठाना नहीं भूलते. यह सब्जी आज भी मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और उनकी उन्नत जीवनशैली की गवाही देती है.
About the Author
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें