मेरठ में 43 केंद्रों पर कड़ा पहरा, परीक्षार्थियों के लिए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर खास इंतजाम
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यूपी पुलिस SI परीक्षा 2026: मेरठ में 14 और 15 मार्च को होने वाली दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र के अनुसार, 43 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के साथ परीक्षार्थियों के लिए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर QR कोड और हेल्प डेस्क की सुविधा दी गई है. अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हर 10 मिनट में बसें चलेंगी और पुलिस की विशेष टीमें यातायात व्यवस्था को संभालेंगी.
मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अग्निपरीक्षा की घड़ी आ गई है. 14 और 15 मार्च को होने वाली यूपी पुलिस उप निरीक्षक (SI) परीक्षा को लेकर मेरठ प्रशासन ने कमर कस ली है. परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में कोई बाधा न आए, इसके लिए रेलवे स्टेशन से लेकर बस अड्डों तक ‘डिजिटल हेल्प डेस्क’ तैयार किए गए हैं. एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी वाहन न मिलने के कारण फंसता है, तो पुलिस उसकी सारथी बनकर उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाएगी.
43 केंद्रों पर तैनात रहेगी पीआरवी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि 14 व 15 मार्च को आयोजित होने वाली यूपी पुलिस परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो गई है. मेरठ जनपद में कुल 43 केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र के अनुसार, सभी केंद्रों पर पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी रहेगी और पीआरवी टीमें लगातार राउंड पर रहेंगी. किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था को रोकने के लिए केंद्रों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है.
क्यूआर कोड और हेल्प डेस्क से मिलेगी मदद
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए मेरठ के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और रोडवेज अड्डों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाई गई हैं. पहली बार प्रशासन ने क्यूआर कोड तकनीक का इस्तेमाल किया है. परीक्षार्थी बस अड्डों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके अपने परीक्षा केंद्र की सटीक लोकेशन और वहां तक पहुंचने के रास्ते की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे.
हर 10 मिनट में मिलेगी बस, ट्रैफिक पुलिस करेगी सहायता
मेरठ में हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों से अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं. परिवहन विभाग ने शहर के भीतर हर 10 मिनट पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का निर्णय लिया है. इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई परीक्षार्थी समय की कमी के कारण संकट में दिखे, तो उसे तत्काल वाहन उपलब्ध कराने में मदद की जाए.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें