अमेठी के किसान ने रच दी सफलता की नई कहानी, जैविक खेती से कमा रहे लाखों.. यहां जानिए इनका पूरा सीक्रेट
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किसान कमलेश दुबे की जो स्नातक तक की पढ़ाई करने के बाद खेती किसानी के जरिए अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. किसान कमलेश दुबे गौरीगंज के कोहरा गांव के रहने वाले हैं, जो गर्मी के मौसम में गर्मियों की सब्जियों के साथ सर्दियों के मौसम में सर्दियों की सब्जियां तैयार करते हैं. कमलेश दुबे खेती में जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें रसायन मुक्त खेती करने में आसानी होती है.
अमेठी: कहते हैं कि मेहनत और संघर्ष से काम किया जाए, तो सफलता की राह अपने आप बन जाती है. कुछ ऐसी ही कहानी है अमेठी जिले में एक प्रगतिशील किसान की जिन्होंने खेती किसानी के जरिए संरक्षित खेती कर अपनी सफलता की राह को बेहतर बना लिया और आज सफल किसान होने के साथ-साथ खेती किसानी में वे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.
जैविक खाद का इस्तेमाल
हम बात कर रहे हैं किसान कमलेश दुबे की जो स्नातक तक की पढ़ाई करने के बाद खेती किसानी के जरिए अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. किसान कमलेश दुबे गौरीगंज के कोहरा गांव के रहने वाले हैं, जो गर्मी के मौसम में गर्मियों की सब्जियों के साथ सर्दियों के मौसम में सर्दियों की सब्जियां तैयार करते हैं. कमलेश दुबे खेती में जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें रसायन मुक्त खेती करने में आसानी होती है.
स्वास्थ्य के लिए भी लाभदाई
इसके साथ ही उनकी सब्जियां पूरी तरीके से स्वास्थ्य के लिए भी लाभदाई होती है. वर्तमान समय में किस कमलेश दुबे गर्मी के मौसम वाली सब्जियां तैयार करने की तैयारी में है. कुछ सब्जियों उन्होंने तैयार कर ली है जिसके साथ ही किसान कमलेश दुबे मौसमी सब्जियों में भिंडी, लौकी, तोरी, करेला, खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज, मिर्च, टमाटर और बैंगन की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.
भरण पोषण का सहारा है खेती
लोकल 18 से बातचीत में किसान कमलेश दुबे ने बताया कि खेती ही उनके परिवार के भरण पोषण का सहारा है. उनके पहले पिताजी इस काम को करते थे जिसके बाद पिताजी के बाद अब वह इस खेती को कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक सीजन में एक से डेढ़ लाख रुपए का मुनाफा वे खेती किसानी में पा जाते हैं. इसके साथ ही उन्हें रसायन मुक्त सब्जियां खेतों में उपलब्ध होती हैं जिसके जरिए किसानों को अच्छा फायदा होता है और जो भी किसान उनके यहां से सब्जियां ले जाते हैं वह भी उन्हें सब्जियां उपलब्ध कराकर रोजगार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें संरक्षित खेती करने के लिए उद्यान विभाग की तरफ से भी पूरा सहयोग मिलता है. उद्यान अधिकारी प्रमोद यादव ने उनकी पूरी मदद की जिसके बाद में वे सफल हुए हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें