इटली-रूस से आने वाला कच्चा माल ठप, आगरा के जूता व्यापारियों के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट
आगरा: ताजनगरी अपनी खूबसूरती के लिए जितनी मशहूर है, उतनी ही अपने जूतों के लिए भी जानी जाती है. ‘जूता नगरी’ के नाम से विख्यात आगरा की गलियों में मशीनों की जो खटखटाहट कभी देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकती थी, आज वह युद्ध के साये में सहमी हुई है. इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध ने न केवल सरहदों पर तनाव पैदा किया है, बल्कि आगरा के उस विशाल जूता उद्योग की कमर भी तोड़ दी है, जहां हर दिन 10 लाख जोड़ी जूते बनकर तैयार होते थे. आज व्यापारी डरे हुए हैं, बंदरगाहों पर माल फंसा है और बेरोजगारी का काला साया हजारों परिवारों की दहलीज पर दस्तक दे रहा है.
दरअसल, आगरा का जूता देश विदेश में काफी मशहूर है और यही कारण है कि बड़े पैमाने पर यहां से जूता बाहर एक्सपोर्ट किया जाता है. जूते के व्यापार से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है. फिलहाल आगरा का जूता उद्योग इजराय, ईरान और अमेरिकी युद्ध के कारण खतरे में है. आगरा के व्यापारियों को माल और रॉ मेटेरियल के फंसने का डर सता रहा है. कहा कि यदि यह युद्ध जल्द समाप्त नहीं हुआ तो आने वाले समय में जूते पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो जल्द कई फैक्ट्रीयां बंद ना हो जाये जिससे लोगों में बेरोजगारी भी फैल सकती है.
बाहर से आने वाला रॉ-मेटेरियल फंसने का सता रहा है डर
आगरा के वरिष्ठ जूता व्यापारी आशीष मित्तल ने बताया कि इजराइल, ईरान और अमेरिकी युद्ध के कारण कई तरह के रॉ-मेटेरियल बाहर फंसने का डर है. उन्होंने कहा कि कई रास्ते इस युद्ध के कारण बंद हो चुके है जिस कारण कई रॉ-मेटेरियल तो आ ही नहीं पा रहा है, फिलहाल स्टॉक में बचा मेटेरियल से काम चलाया जा रहा है. जूता व्यापारी ने बताया कि जूते बनने के लिए कई तरह के रॉ-मेटेरियल बाहर जैसे इटली, कोरिया, रूस, यूरोप और यूएसए से आते हैं.
रॉ-मेटेरियल की शुरू हुई शॉर्टज
कहा कि इस युद्ध के कारण यहां से आने वाला रॉ-मेटेरियल बुरी तरह से प्रभावित हो चूका है. व्यापारी आशीष जैन ने बताया कि इस युद्ध के कारण ना केवल इन सभी पेट्रोलियम पदार्थ की रेट बढ़ी है बल्कि आना तक मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि रॉ-मेटेरियल कि अब शॉर्टज होना शुरू हो गई है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जिन लोगों को माल सप्लाई करना था उन्हें सप्लाई करने में मुश्किल हो सकती है.
बंदरगाह-पानी के जहाज पर फंस है माल
आगरा के वरिष्ठ जूता व्यापारी आशीष जैन ने बताया कि इजराइल, ईरान और अमेरिकी युद्ध के कारण जूता व्यापार संकट में है. उन्होंने कहा कि इस युद्ध के कारण बाहर एक्सपोर्ट हुआ फुटवियर पानी के जहाजो या बंदरगाह में फंस गया है. व्यापारी आशीष ने बताया कि बाहर फुटवियर की डिमांड तो है और आर्डर केंसिल भी नहीं हुए है, लेकिन एक्सपोर्ट करने पर समान बिच में ही रास्ते बंद होने के कारण फंस जा रहा है.
व्यापारी और ग्राहक दोनों असमंजस में
आशीष जैन ने कहा कि इस वॉर कि वजह से पूरी तरह से जूता उद्योग संकट में है, ऐसे में व्यापारी और ग्राहक दोनों असमंजस में है. उन्होंने कहा कि यदि यह युद्ध सिर्फ ईरान, इजराइल और अमेरिका के बिच में ही होता तो शायद इतनी परेशानी नहीं होती. चुंकि, अब यह वॉर पुरे मिडल ईस्ट में फैल गया है, जिस कारण पूरा व्यापार चौपट हो रहा है. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द यह वॉर खत्म होनी चाहिए अन्यथा यह आने वाले समय में बहुत ज्यादा नुकसान का अहसास कराएगा.