No-cook meal ideas :गैस सिलेंडर हो गया महंगा? किचन में बिना चूल्हा जलाए मिनटों में तैयार करें ये 8 हाई प्रोटीन रेसिपी
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No Cook Meal Ideas : ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. इस युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है. भारत में भी एलपीजी (LPG) गैस की कीमतों में उछाल और भविष्य में इसकी किल्लत की संभावना से गृहणियों और आम आदमी का बजट बिगड़ने लगा है. ऐसे समय में अपनी रसोई को स्मार्ट तरीके से चलाना बहुत जरूरी हो गया है, ताकि जेब पर बोझ भी कम पड़े और परिवार की सेहत से भी समझौता न हो.
गैस बचाने और मुश्किल समय के लिए खुद को तैयार करने का सबसे अच्छा तरीका है ‘नो-कुक’ (No-Cook) मील, यानी ऐसा भोजन जिसे पकाने के लिए आग या गैस की जरूरत नहीं होती. अक्सर हमें लगता है कि बिना गैस के सिर्फ फल या सलाद ही खाया जा सकता है, लेकिन सच तो यह है कि हमारी अपनी भारतीय संस्कृति और ग्लोबल डिशेज में ऐसे कई विकल्प हैं जो बिना चूल्हा जलाए भी एक संपूर्ण आहार (Complete Meal) का काम करते हैं. ये मील न केवल आपका गैस का पैसा बचाते हैं, बल्कि किचन में लगने वाले घंटों के समय को भी कम करते हैं.
‘स्प्राउटेड मूंग चाट : सबसे पहले बात करते हैं प्रोटीन से भरपूर ‘स्प्राउटेड मूंग चाट’ की. अंकुरित मूंग को कच्चा खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें एंजाइम्स और फाइबर की मात्रा पकाने के बाद कम हो जाती है. बस मूंग को पहले से अंकुरित करके रखें और उसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा और ढेर सारा नींबू मिला लें. ऊपर से थोड़ी भुनी मूंगफली डाल दें, तो यह एक क्रंची और पेट भरने वाला नाश्ता या लंच बन जाता है जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है.
‘मेडिटेरेनियन चिकपी और फेटा सलाद : अगर आप कुछ अलग और विदेशी स्वाद चखना चाहते हैं, तो ‘मेडिटेरेनियन चिकपी और फेटा सलाद’ एक बेहतरीन लाइफसेवर है. बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद छोले (Canned Chickpeas) पहले से उबले हुए होते हैं, जिन्हें बस पानी से धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है. इन्हें जैतून, टमाटर और पनीर (फेटा चीज़) के साथ मिलाकर थोड़ा जैतून का तेल और ओरेगानो डालें. यह सलाद प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का भंडार है, जो आपको घंटों तक भरा हुआ महसूस कराता है और मांसपेशियों के लिए भी अच्छा है.
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‘कोसंभरी’ सलाद : दक्षिण भारत का ‘कोसंभरी’ सलाद भी बिना गैस जलाए बनने वाला एक पारंपरिक और पौष्टिक विकल्प है. कर्नाटक के घरों में बनने वाली यह डिश मूंग दाल को भिगोकर बनाई जाती है. जब दाल दांतों से कटने लायक नरम हो जाए, तो इसमें कद्दूकस किया हुआ खीरा और ताजा नारियल मिला दें. यह न केवल खाने में हल्का है, बल्कि गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा रखने में भी मदद करता है. इसमें प्रोटीन के साथ-साथ हाइड्रेशन का भी परफेक्ट कॉम्बिनेशन मिलता है.
दही-चूड़ा : पूर्वी भारत का मशहूर ‘दही-चूड़ा’ तो मानो बिना गैस वाले खाने का राजा है. बिहार, यूपी और बंगाल में इसे सदियों से खाया जा रहा है. पोहा (चूड़ा) को बस कुछ मिनट पानी में भिगोकर छान लें और ताजे दही के साथ मिलाएं. इसे आप गुड़ और केले के साथ मीठा बना सकते हैं या फिर नमक और भुने जीरे के साथ नमकीन. यह प्रोबायोटिक से भरपूर होता है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और एलपीजी संकट के समय सबसे सस्ता और सुलभ भोजन है.
‘पीनट बटर और एप्पल सैंडविच : आजकल के युवाओं और बच्चों के लिए ‘पीनट बटर और एप्पल सैंडविच’ एक नया और टेस्टी विकल्प है. अगर आपके पास फ्रेश ब्रेड है, तो उसे टोस्ट करने की जरूरत नहीं है. बस उस पर पीनट बटर या बादाम का मक्खन लगाएं और सेब के पतले स्लाइस सजा दें. यह कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और हेल्दी फैट्स का ऐसा मिश्रण है जो बच्चों को बहुत पसंद आता है और उन्हें दिनभर खेलने-कूदने की ताकत देता है.
‘सिल्केन टोफू बाउल’ और ‘कोल्ड पीनट नूडल्स : कॉन्टिनेंटल फूड्स के शौकीनों के लिए ‘सिल्केन टोफू बाउल’ और ‘कोल्ड पीनट नूडल्स’ भी कमाल के विकल्प हैं. सिल्केन टोफू को सीधा पैक से निकालकर खाया जा सकता है, बस उस पर थोड़ा सोया सॉस और अदरक का पेस्ट डालें. वहीं, ग्लास नूडल्स या पतली सेवईं को भी सादे पानी में 5-10 मिनट भिगोकर नरम किया जा सकता है और फिर मूंगफली के सॉस के साथ मिक्स करके एक लजीज थाई स्टाइल मील तैयार किया जा सकता है.
‘ब्लैक बीन और कॉर्न सालसा बाउल : ‘ब्लैक बीन और कॉर्न सालसा बाउल’ उन लोगों के लिए बेस्ट है जो चटपटा खाने के शौकीन हैं. डिब्बाबंद काली बीन्स और स्वीट कॉर्न को मिलाकर उसमें नींबू, धनिया और जीरा डालें. यह डिश आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होती है, जो तनावपूर्ण समय में आपको मानसिक रूप से अलर्ट रखने में मदद करती है. इसे आप मकई के चिप्स के साथ या ऐसे ही एक कटोरी भरकर खा सकते हैं.