Iran War News | PM Modi Masoud Pezeshkian Talks: ‘इंडिया हमें दोस्त मानता है, जंग में मोदी का रुख बेस्ट’, ईरान की एक-एक बात में है भारत की ग्लोबल धमक
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Iran War News: पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच फोन पर बातचीत हुई है. इस बाचतीत में ईरान जंग पर विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई और अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा की जा रही इस आक्रामकता को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया. इस फ़ोन कॉल के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के संतुलित और रचनात्मक रुख़ और तनाव कम करने के उसके प्रयासों की सराहना की. चलिए जानते हैं ईरान ने क्या-क्या कहा?

ईरान और भारत के नेताओं के बीच टेलीफ़ोन पर बातचीत हुई.
Iran War News: ईरान जंग पर भारत का स्टैंड संतुलित रहा है. ईरान और इजरायल के बीच भारत जंग खत्म करना चाहता है. भारत शांति का पक्षधर है. पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से बातचीत में यही संदेश दिया. खुद ईरान भी भारत के इस रुख से खुश है. ईरान पीएम मोदी और भारत के संतुलित रुख से संतुष्ट है. ईरान ने खुद माना है कि भारत ने मिडिल ईस्ट तनाव में रचनात्मक भूमिका निभाई है और जंग खत्म करने की कोशिश की है. दरअसल, पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच गुरुवार को बातचीत हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने भारत के स्टैंड को फिर दोहराया. इसके बाद खुद ईरान ने बयान जारी कर भारत की तारीफ की है. ईरान ने खुद कहा है कि भारत उसे अपना दोस्त मानता है और जंग में उसका स्टैंड बेहतर तरीके से संतुलित था.
पीएम मोदी-राष्ट्रपति पेजेशकियन की बातचीत पर ईरान का बयान:
- ईरान-अमेरिका तनाव पर पुीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच गुरुवार की रात को फोन पर बातचीत हुई. इस दौरान ईरान ने कहा कि भारत ने संतुलित भूमिका निभाई और भारत ने कहा है कि ईरान दोस्त है.
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संतुलित और रचनात्मक भूमिका निभाई है और तनाव कम करने की कोशिश की है.
- पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते पर था और कूटनीति से मुद्दों को हल करना चाहता था. लेकिन इसी बीच अमेरिका और इजराइल ने हमला कर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है. इस हमले में इस्लामी क्रांति के नेता, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और मिनाब के एक स्कूल के 168 मासूम छात्र मारे गए.
- उन्होंने कहा कि मारे गए नेता सिर्फ राजनीतिक नेता ही नहीं बल्कि दुनिया भर के मुसलमानों के आध्यात्मिक नेता भी थे, इसलिए उनके खून का न्याय मांगना पूरी इस्लामी उम्मा का अधिकार है.
- पेजेशकियान ने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया और वह इसे आगे बढ़ाना भी नहीं चाहता. लेकिन आत्मरक्षा के अपने अधिकार के तहत ईरान ने उन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से हमले हुए थे.
- उन्होंने इजराइल द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद बताया. साथ ही कहा कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता नहीं चाहता. हालिया हमलों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बावजूद ईरान भारत और अन्य मित्र देशों के साथ ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे मंचों के जरिए सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
पीएम मोदी ने कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई और कहा कि भारत ईरान का दोस्त है. उन्होंने कहा कि भारत कूटनीति को आगे बढ़ाने में अपनी पूरी कोशिश करेगा, क्योंकि किसी भी क्षेत्र में संघर्ष बढ़ना किसी के हित में नहीं है.
पीएम मोदी-राष्ट्रपति पेजेशकियन की बातचीत पर भारत का बयान:
- पीएम मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों को सुलझाने पर भारत के हमेशा से रहे रुख को दोहराया.
- पीएम मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई, साथ ही ऊर्जा और सामान के बिना किसी रुकावट के आवागमन को लेकर भारत की प्राथमिकता पर ज़ोर दिया.
- ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और इस क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर अपना नजरिया साझा किया.
- प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता ज़ाहिर की और भारत के हमेशा से रहे इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए ही सुलझाया जाना चाहिए.
- प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में जिसमें ईरान भी शामिल है, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को लेकर भारत की प्राथमिकता पर ज़ोर दिया; साथ ही ऊर्जा और सामान के बिना किसी रुकावट के आवागमन के महत्व को भी रेखांकित किया.
- पीएम मोदी ने बेहद सख्त और स्पष्ट लहजे में आम नागरिकों की मौत और नागरिक बुनियादी ढांचे को पहुंच रहे नुकसान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. प्रधानमंत्री ने साफ किया कि किसी भी युद्ध में बेगुनाह लोगों और सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाना अस्वीकार्य है. दोनों नेता एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए.
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