मंदिर पर सवाल तो गुरुद्वारे से जवाब… गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद की ‘ओछी राजनीति’ पर जड़ा करारा तमाचा
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Gautam Gambhir visited Gurudwara Shri Rakab Ganj Sahib: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप की जीत के बाद दिल्ली के गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में मत्था टेका. मंदिर में ट्रॉफी ले जाने पर कीर्ति आजाद की ओर से की गई आलोचना का करारा जवाब देते हुए गंभीर पहले ही कह चुके हैं कि ऐसे बयान केवल खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का अपमान करते हैं. चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप के बाद वर्ल्ड कप जीतने वाले गंभीर ने साफ कर दिया कि जीत के जश्न और आस्था के बीच राजनीति की कोई जगह नहीं है.

गौतम गंभीर ने गुरुद्वारे में टेका मत्था.
नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर दिल्ली के गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब पहुंचे. वहां उन्होंने मत्था टेका और विश्व विजेता बनने पर वाहेगुरु का शुक्रिया अदा किया. हालांकि, जीत के इस जश्न के बीच आस्था को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने गंभीर, सूर्यकुमार यादव और जय शाह द्वारा अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में ट्रॉफी ले जाने की आलोचना की. आजाद ने कहा कि खेल और खिलाड़ी का कोई धर्म या जाति नहीं होती. उन्होंने तर्क दिया कि 140 करोड़ भारतीयों की टीम की जीत को किसी एक धर्म से जोड़ना उचित नहीं है.
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने इन आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘जवाब देने के लायक भी नहीं’ बताया. गंभीर ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘ऐसे बयान देना सिर्फ 15 खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और उनकी उपलब्धि को कमतर आंकना है. अगर आप इस तरह की बातें करते हैं, तो आप अपनी ही टीम और खिलाड़ियों को नीचा दिखा रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है.’ गंभीर ने साफ किया कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है और ध्यान जश्न पर होना चाहिए, न कि विवादित बयानों पर.
गौतम गंभीर ने गुरुद्वारे में टेका मत्था.
#WATCH | Delhi: Head Coach of Team India, Gautam Gambhir, offers prayers at Gurudwara Shri Rakab Ganj Sahib