बहराइच में कमर्शियल सिलेंडर पर रोक, रेस्टोरेंट मालिकों पर संकट, बोले- ‘ऐसा ही रहा तो होटल बंद करना पड़ेगा’
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Bahraich News: बहराइच में कमर्शियल सिलेंडर पर प्रशासन ने पूरी तरीके से रोक लगा दी है. कमर्शियल सिलेंडर के रोक के बाद होटल और ढाबे वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दुकानदारों का कहना है कि अगर ऐसा ही रहा तो रेस्टोरेंट बंद करना पड़ेगा.
बहराइच: जिले में कमर्शियल सिलेंडर पर प्रशासन ने पूरी तरीके से रोक लगा दी है. ऐसे में मुसीबत सबसे ज्यादा होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट वालों के सामने खड़ी हो गई है. रेस्टोरेंट वालों ने बताया है कि हम पिछले कई दिनों से कमर्शियल सिलेंडर लेने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मिल भी नहीं रहा था. अब जो स्टॉक बचा था हमारे पास, वह भी खत्म हो गया है. ऐसा ही रहा तो रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ जाएगी.
ईरान-इजरायल के युद्ध के बीच गैस सिलेंडर की दिक्कत यूपी के अलग-अलग राज्यों समेत बहराइच में भी देखी जा रही है, जिसको लेकर जिला पूर्ति अधिकारी “नरेंद्र तिवारी” ने जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा है कि इसमें पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है. हमारे पास पर्याप्त मात्रा में गैस मौजूद है और डेली गाड़ियां भी आ रही हैं. जो लोग नियम के अनुसार बुकिंग कराकर अपना सिलेंडर प्राप्त करेंगे, उनको अवश्य दिया जाएगा. बस इस वक्त कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगाई गई है.
कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से हो रही दिक्कत
कमर्शियल सिलेंडर न सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे वालों का रोजगार है, बल्कि बहुत सारे तमाम ऐसे लोग हैं, जो बाहर के खाने पर ही निर्भर रहते हैं या किसी दूसरे जिले से आकर अन्य जिले में नौकरी करते हैं. ऐसे में उनके खाने-पीने की व्यवस्था बाहर ही टिकी होती है. ऐसे में रेस्टोरेंट वालों को तो समस्या होगी ही, साथ में ऐसे लोगों को भी समस्या होगी, जो बाहर के खाने पर निर्भर रहते हैं.
घरेलू सिलेंडर पर भी संकट
हालांकि प्रशासन ने साफ तौर पर कह दिया है कि घरेलू सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं है. बस पहले जो सिलेंडर 15 दिनों पर बुक होते थे, अब उनकी अवधि बढ़ाकर 25 दिन की कर दी गई है यानी अब अगर आप एक सिलेंडर लेते हैं, तो अगला सिलेंडर आप 25 दिन के बाद ही बुक कर पाएंगे. पहले यह स्कीम 15 दिनों की चल रही थी. इसके अलावा पहले से सिलेंडर आसानी से बैक डोर से भी मिल जाया करते थे, लेकिन अब यह संभव नहीं है. ऐसे में लोगों को इंडक्शन, लकड़ी, कोयले का सहारा लेना पड़ेगा.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.