ऑनलाइन गेम के चक्कर में हैवान बना बाप! बेटे को होटल में छिपा गढ़ी अपहरण की कहानी, मां से मांगी फिरौती
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Meerut News: मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत अब समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. इसका असर न केवल आर्थिक स्थिति पर पड़ता है, बल्कि मानसिक और पारिवारिक जीवन पर भी गहरा असर डालता है. ऐसा ही कुछ मेरठ में देखने को मिला. यहां एक पिता ने बेटे के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली.

ऑनलाइन गेम के चक्कर में कर्ज में डूबा पिता. (एआई तस्वीर)
मेरठ: ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत किस तरह लोगों को अपराध की राह पर धकेल सकती है, इसका सनसनीखेज मामला मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया है. कर्ज के बोझ से परेशान एक पिता ने रुपये जुटाने के लिए अपने ही 15 वर्षीय बेटे के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली. उसने बेटे को छिपाकर अपनी ही पत्नी से छह लाख रुपये की फिरौती मांगने की कहानी बना दी. पुलिस ने जांच के दौरान पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बच्चे को मुरादनगर से सकुशल बरामद कर लिया गया.
कोचिंग के लिए निकला बेटा
बुधवार को एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी. पुलिस के अनुसार अशोक नगर, नगला ताशी निवासी दीपक पुत्र जगपाल ने 10 मार्च को कंकरखेड़ा थाने में सूचना दी कि उसका 15 वर्षीय बेटा हर्ष कुमार उर्फ हनी 9 मार्च को कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. पिता ने आशंका जताई कि किसी ने उसके बेटे का अपहरण कर लिया है. इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बेटे को छोड़ने के बदले छह लाख रुपये की फिरौती मांगने की बात भी सामने आई, जिससे मामला और गंभीर हो गया.
ऑनलाइन गेमिंग में गंवा दिए लाखों रुपये
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दीपक को ‘चिल चैट’ ऑनलाइन गेम खेलने की बुरी लत लग चुकी थी. उसने विभिन्न बैंकों से क्रेडिट कार्ड बनवाए और उनसे मिले पैसों को ऑनलाइन गेम में खर्च कर दिया. लगातार हार के कारण वह भारी कर्ज में डूब गया. इसके बाद उसने ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए करीब दो लाख रुपये और उधार लिए, जिन्हें भी वह गेमिंग में गंवा बैठा. जांच में पता चला कि गेमिंग की वजह से उस पर करीब सात से आठ लाख रुपये का कर्ज हो गया था.
कर्ज के दबाव में रची पूरी साजिश
मार्च महीने की किस्तें बकाया होने और कर्जदारों के दबाव से परेशान होकर दीपक ने अपने ही बेटे को बहला-फुसलाकर मुरादनगर में एक होटल में छिपा दिया. उसने बेटे को हिदायत दी कि जब तक वह खुद न कहे, तब तक घर वापस न आए. इसके बाद पत्नी से रुपये निकलवाने के लिए उसने अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी गढ़ दी.
पुलिस जांच में खुली सच्चाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने कंकरखेड़ा थाना पुलिस, सर्विलांस टीम और स्वाट टीम की तीन टीमें गठित कीं. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और परिजनों से पूछताछ की. जांच के दौरान पिता के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए, जिससे पुलिस का शक उसी पर गहरा गया. सख्ती से पूछताछ करने पर दीपक टूट गया और उसने पूरी साजिश कबूल कर ली. इसके बाद पुलिस ने मुरादनगर से बेटे हनी को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें