सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में सबसे बड़ा उलटफेर, सुप्रीम कोर्ट ने पवन बिश्नोई को दी जमानत, क्या अब बदल जाएगी पूरी कहानी?

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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में सबसे बड़ा उलटफेर, SC ने पवन बिश्नोई को दी जमानत

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Sidhu Moose Wala Murder Case: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गुरुवार को एक चौंकाने वाला मोड़ आ गया. सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड के आरोपियों में से एक पवन बिश्नोई को नियमित जमानत दे दी है. पवन पर गोल्डी बरार के कहने पर हत्यारों के लिए बोलेरो गाड़ी का इंतजाम करने और इस पूरी साजिश का हिस्सा होने का आरोप था. अधिवक्ता अभय कुमार की दलीलों के बाद कोर्ट ने यह बड़ा फैसला सुनाया है. जानें अब इस केस में आगे क्या होगा?

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में सबसे बड़ा उलटफेर, SC ने पवन बिश्नोई को दी जमानतZoom

पंजाब के मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है.

नई दिल्ली. पंजाब के मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में एक बार फिर कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के एक महत्वपूर्ण आरोपी पवन बिश्नोई को नियमित जमानत दे दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की जांच और ट्रायल अभी भी जारी है. पवन बिश्नोई पर आरोप था कि वह उस बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसने 29 मई 2022 को मानसा में सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी.

क्या थे पवन बिश्नोई पर आरोप?

जांच एजेंसियों और पंजाब पुलिस के अनुसार, पवन बिश्नोई का सीधा संबंध गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया गया था. पुलिस का आरोप था कि कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बरार ने पवन बिश्नोई को फोन किया था. इस फोन कॉल का मुख्य उद्देश्य हत्यारों के लिए एक सुरक्षित वाहन का इंतजाम करना था. आरोप लगाया गया कि पवन बिश्नोई ने ही वह ‘बोलेरो’ गाड़ी उपलब्ध कराई थी, जिसका इस्तेमाल शूटरों ने मूसेवाला का पीछा करने और उन पर गोलियां बरसाने के लिए किया था. अभियोजन पक्ष ने उसे पूरी साजिश का एक अहम मोहरा बताया था.

अदालत में अधिवक्ता अभय कुमार की दलीलें

सुप्रीम कोर्ट में पवन बिश्नोई का पक्ष रखते हुए उनके अधिवक्ता अभय कुमार ने मजबूती से अपनी बात रखी. उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को केवल आरोपों और कथित फोन कॉल्स के आधार पर जेल में रखा गया है. अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पवन बिश्नोई के खिलाफ पर्याप्त प्रत्यक्ष सबूतों का अभाव है जो उसे सीधे तौर पर हत्या की साजिश से जोड़ सकें. उन्होंने कहा, “यह आरोप लगाया गया था कि गोल्डी बरार ने मेरे मुवक्किल को बोलेरो वाहन की व्यवस्था करने के लिए बुलाया था और उस बोलेरो का इस्तेमाल हत्यारों ने सिद्धू मूसेवाला को मारने के लिए किया था. यह भी आरोप लगाया गया था कि वह इस साजिश का हिस्सा था, लेकिन तथ्यों की गहराई में जाने पर स्थिति अलग नजर आती है.”



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