पलामू टाइगर रिजर्व में 500 कैमरा ट्रैप से हो रही बाघों की निगरानी, अहम जानकारियां हुई रिकॉर्ड

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पलामू टाइगर रिजर्व में करीब 500 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं. इन कैमरों की मदद से बाघों की आवाजाही, उनके मूवमेंट और व्यवहार से जुड़ी अहम जानकारियां रिकॉर्ड की जा रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक की मदद से बाघों की सटीक गणना करने के साथ-साथ उनके संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी.

पलामू टाइगर रिजर्व में 500 कैमरा ट्रैप से बाघों की निगरानी, अहम चीजें रिकॉर्डZoom

पलामू: देशभर में बाघों की संख्या का आकलन करने के लिए टाइगर एस्टीमेशन 2026 की प्रक्रिया चल रही है. इस अभियान के तहत भारत के 58 टाइगर रिजर्व में चार चरणों में बाघों की गणना की जा रही है. झारखंड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. राज्य में इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत 15 दिसंबर से हुई थी और पूरी प्रक्रिया को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. खास बात यह है कि झारखंड देश का ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है, जिसने पहले और दूसरे चरण का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. वहीं, तीसरे चरण का कार्य फिलहाल जारी है.

पलामू टाइगर रिजर्व की भूमिका
इस अभियान में पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. पलामू टाइगर रिजर्व देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व बन गया है, जिसने टाइगर एस्टीमेशन के पहले और दूसरे चरण का कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है. इन दोनों चरणों से जुड़े सभी आंकड़ों को वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है, जहां वैज्ञानिक तरीके से उनका विश्लेषण किया जाएगा.

पूरे अभियान की निगरानी
पलामू टाइगर रिजर्व के निदेशक सह मुख्य वन संरक्षक एस.आर. नटेश राज्य स्तर पर टाइगर एस्टीमेशन के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. वहीं, डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जेना पलामू क्षेत्र में इस पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, तीसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है. इस चरण में जंगलों के विभिन्न इलाकों में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिनके जरिए बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. सुरक्षा कारणों से कैमरा ट्रैप में कैद तस्वीरों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है.

एक बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद
तीसरे चरण के तहत लगाए गए कैमरा ट्रैप से लगातार बाघों की गतिविधियों से जुड़ा डाटा इकट्ठा किया जा रहा है. डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने बताया कि कैमरा ट्रैप में कई महत्वपूर्ण तस्वीरें सामने आई हैं. हाल ही में पलामू टाइगर रिजर्व के साउथ जोन में एक बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है, जो इस क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी का मजबूत संकेत देती है.

पलामू टाइगर रिजर्व में करीब 500 कैमरा
फिलहाल पलामू टाइगर रिजर्व में करीब 500 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं. इन कैमरों की मदद से बाघों की आवाजाही, उनके मूवमेंट और व्यवहार से जुड़ी अहम जानकारियां रिकॉर्ड की जा रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक की मदद से बाघों की सटीक गणना करने के साथ-साथ उनके संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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