ऐश्वर्या राय की फिल्म, जिस पर वकीलों ने किया था दिल्ली हाईकोर्ट में केस, सुपरस्टार का धरा रह गया था स्टारडम
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सुप्रीम कोर्ट में इच्छामृत्यु से जुड़े एक मामले पर आए हालिया फैसले के बाद इस संवेदनशील मुद्दे पर फिर से बहस तेज हो गई है. ऐसे में ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय की फिल्म गुजारिश फिर से चर्चा में आ गई है. संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बनी उस फिल्म की रिलीज से पहले भी खूब विवाद हुआ था.

फिल्म में बेहद खूबसूरत लगी थीं ऐश्वर्या राय
दरअसल, हरीश राणा पिछले 13 सालों से अचेत अवस्था में हैं और डॉक्टरों के मुताबिक उनके इलाज का कोई खास असर नहीं हो रहा. इस दर्दनाक मामले में उनके माता-पिता ने ही इच्छामृत्यु की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद मेडिकल सपोर्ट सिस्टम हटाने की अनुमति दे दी. यह फैसला जितना भावुक है, उतना ही सोचने पर मजबूर करने वाला भी है.
सच्ची घटना पर आधारित फिल्म
इस घटना ने लोगों को साल 2010 में आई फिल्म गुजारिश की याद दिला दी. उस समय जब संजय लीला भंसाली ने इच्छामृत्यु जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फिल्म बनाई थी, तब इसे लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया था. फिल्म की कहानी और विषय को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए थे. फिल्म रिलीज होने के बाद आदित्य देवन नाम के एक वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका भी दायर की थी. उनका कहना था कि भारत में इच्छामृत्यु गैरकानूनी है, ऐसे में इस विषय को फिल्म में इस तरह दिखाना गलत संदेश दे सकता है. हालांकि अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था.
सुपरस्टार का धरा रह गया स्टारडम
बड़े बजट और अलग विषय पर बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई. फिल्म बड़ी फ्लॉप साबित हुई थी. हालांकि फिल्म की कहानी और कलाकारों की एक्टिंग की काफी चर्चा हुई थी.फिल्म में ऋतिक रोशन ने एक ऐसे शख्स का किरदार निभाया था जो हादसे के बाद पूरी तरह अपाहिज हो जाता है और फिर इच्छामृत्यु के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ता है. लेकिन सुपरस्टार भी इस फिल्म को डिजास्टर बनने से रोक नहीं पाए थे.
बता दें कि इसके बाद साल 2018 में जब सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु को लेकर अहम फैसला दिया, तब संजय लीला भंसाली ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने इस विषय पर फिल्म बनाई थी तब काफी हंगामा हुआ था, लेकिन बाद में जब कानून में बदलाव आया तो लोग चुप हो गए. भंसाली ने यह भी बताया था कि फिल्म की कहानी उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के अनुभव से प्रेरित होकर सूझी थी जिसने इस तरह का दर्द करीब से झेला था.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें