सिर्फ एक समुदाय पर निशाना क्यों? उत्तम नगर कांड के बाद ज्वाइंट कमिश्नर से मिला जमीयत, रखी 5 डिमांड
नई दिल्ली. उत्तम नगर की गलियों में फैली नफरत की चिंगारी अब इंसाफ की चौखट तक जा पहुंची है. तरुण कुमार की मौत के बाद उपजा तनाव अब महज एक पुलिस केस नहीं बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द की अग्निपरीक्षा बन गया है. जमीयत उलमा-ए-हिंद का प्रतिनिधिमंडल जॉइंट पुलिस कमिश्नर से मिला. उन्होंने बुलडोजर न्याय और भीड़तंत्र के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई. कमिश्नर जतीन नरवाल के सामने कुल 5 प्रमुख मांगें रखी गई.
1. दोषियों पर कार्रवाई: सांप्रदायिक नफरत फैलाने और हिंसा के लिए उकसाने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
2. सोशल मीडिया पर लगाम: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे भड़काऊ और नफरत भरे संदेशों पर तुरंत रोक लगाई जाए.
3. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: जेजे कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की प्रभावी तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो.
4. निष्पक्ष जांच: घटना के बाद हुई तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए.
5. धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा: रमजान और ईद के मद्देनजर मुसलमानों को दुकानें खोलने और मस्जिदों व ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए.
सवाल-जवाब
जमीयत के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात क्यों की?
उत्तम नगर में तरुण कुमार की मौत के बाद उपजे सांप्रदायिक तनाव और मुस्लिम समुदाय में व्याप्त असुरक्षा को लेकर यह मुलाकात की गई.
ज्ञापन में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर क्या कहा गया है?
ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि किसी भी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया (Due Process of Law) के तहत ही होनी चाहिए.
जॉइंट सीपी जतीन नरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को क्या आश्वासन दिया?
उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में शांति बहाल की जा रही है, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक है और मुस्लिम दुकानदारों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी.